CBSE Controversy : सीबीएसई के नए चेयरपर्सन बनाये गए लोखंडे प्रशांत सीताराम, वरुण भारद्वाज को मिली सचिव की जिम्मेदारी, कृषि सचिव बनाये गए राहुल कुमार

CBSE Controversy : एजीएमयूटी कैडर के 2001 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। वहीँ वरुण भारद्वाज को सचिव की जिम्मेवारी मिली है.....पढ़िए आगे

CBSE Controversy : सीबीएसई के नए चेयरपर्सन बनाये गए लोखंडे प
लोखंडे प्रशांत सीताराम बने चेयरपर्सन - फोटो : SOCIAL MEDIA

New Delhi : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उपजे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। मंगलवार को तत्कालीन चेयरपर्सन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के अचानक हुए तबादले के बाद, शिक्षा मंत्रालय ने बोर्ड के नए शीर्ष अधिकारियों की नियुक्ति का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। एजीएमयूटी कैडर के 2001 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।

इसके साथ ही, शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने निवर्तमान चेयरपर्सन राहुल सिंह को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के तहत कृषि और किसान कल्याण विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी (अतिरिक्त सचिव) के पद पर तैनात किया है। वहीं, निवर्तमान सचिव हिमांशु गुप्ता को समय से पहले उनके पैरेंट कैडर (गृह मंत्रालय) में वापस भेजने का निर्णय लिया गया है। प्रशासनिक आधार पर 'एक्सटेंडेड कूलिंग ऑफ' की शर्त के साथ उन्हें वापस भेजा जा रहा है और कैबिनेट के आदेश के मुताबिक, वह दिसंबर 2030 के बाद ही किसी अन्य केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए पात्र होंगे। सचिव पद पर खाली हुई जगह को भरने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षा विभाग के डायरेक्टर वरुण भारद्वाज को स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के तहत सीबीएसई बोर्ड का नया सचिव नियुक्त किया है। वरुण भारद्वाज अब हिमांशु गुप्ता का स्थान संभालेंगे और बोर्ड के प्रशासनिक कार्यों को गति देंगे।

सीबीएसई के नए मुखिया बने आईएएस प्रशांत सीताराम लोखंडे वर्तमान में केंद्रीय गृह मंत्रालय के गृह विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह इसी विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे, जहां बेहतर कार्यप्रणाली को देखते हुए भारत सरकार द्वारा हाल ही में उन्हें प्रमोट किया गया था। अब उनके कंधों पर सीबीएसई जैसे प्रतिष्ठित बोर्ड को विवादों से बाहर निकालने की अहम जिम्मेदारी होगी।

गौरतलब है कि सरकार ने मंगलवार को दोनों शीर्ष अधिकारियों के ट्रांसफर ऑर्डर जारी करने के साथ ही विवादों में घिरे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की व्यापक जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन किया था। कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस. राधा चौहान की अध्यक्षता में गठित यह एक-सदस्यीय कमेटी पूरे तकनीकी और प्रशासनिक मामले की सघन जांच करेगी और अपनी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपेगी।