संसद में पीएम मोदी की 'दहाड़': 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार है भारत, विपक्ष की नकारात्मकता पर किया कड़ा प्रहार

धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने संबोधन के दौरान विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश अब पुरानी गलतियों को पीछे छोड़कर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है

संसद में पीएम मोदी की 'दहाड़': 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार ह

New Delhi - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया और भारत की बढ़ती वैश्विक साख का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया एक नए 'वर्ल्ड ऑर्डर' की तरफ आगे बढ़ रही है और खुशी की बात है कि वैश्विक घटनाओं के निष्पक्ष विश्लेषण में झुकाव भारत की तरफ दिखता है। पीएम ने जोर देकर कहा कि भारत अब एक 'विश्वबंधु' के रूप में अनेक देशों का भरोसेमंद पार्टनर बन चुका है और विश्व कल्याण की दिशा में कंधे से कंधा मिलाकर अपनी भूमिका निभा रहा है।

प्रधानमंत्री ने भारत को 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) की एक सशक्त आवाज के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि आज वैश्विक मंचों पर भारत के फैसलों को गंभीरता से लिया जाता है और भारत लगातार अपनी आर्थिक सीमाओं का विस्तार कर रहा है। पीएम के अनुसार, हाल के दिनों में भारत ने 9 बड़े देशों के साथ ट्रेड डील की है, जिसमें यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुआ समझौता ऐतिहासिक है। उन्होंने ईयू के साथ हुए इस करार को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया।

देश की अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस की पिछली नीतियों पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ था तब भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन कांग्रेस ने इसे 11वें नंबर पर पहुँचा दिया। उन्होंने गर्व से साझा किया कि 2014 में 11वें स्थान पर रहने वाला भारत अब तेजी से सुधार कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और बहुत जल्द तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की दिशा में अग्रसर है।

पीएम मोदी ने वर्तमान आर्थिक स्थिति को 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' करार देते हुए कहा कि भारत में हाई ग्रोथ और लो इन्फ्लेशन (उच्च विकास और कम मुद्रास्फीति) का एक अनूठा संयोग बना है। उन्होंने बजट 2026 की सराहना करते हुए इसे 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को पूरा करने वाला एक सशक्त दस्तावेज बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज साइंस, स्पेस से लेकर स्पोर्ट्स तक, हर क्षेत्र में भारत के नागरिकों में एक नया आत्मविश्वास भरा हुआ है।

राजनीतिक प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस को 'विजन' और 'इच्छाशक्ति' की कमी के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कुछ दलों की राजनीति केवल परिवारवाद और 'पुत्र-मोह' तक सीमित होकर रह गई है। पीएम ने दावा किया कि विपक्ष जिस नकारात्मकता की राजनीति कर रहा है, उसे देश की जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है। उन्होंने पुरानी गलतियों को पीछे छोड़कर विकास की नई ऊंचाइयों को छूने का आह्वान किया।

संसद की कार्यवाही के दौरान हुए व्यवधान पर भी चर्चा रही, जहाँ लोकसभा में हंगामे के कारण बिना प्रधानमंत्री के जवाब के ही धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित करना पड़ा। पीएम ने इसे लोकतंत्र के लिए दुखद बताया और कहा कि उनकी सरकार की ऊर्जा पिछली सरकारों की गलतियों को सुधारने में खर्च हो रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अब रुकने वाला नहीं है और सुधारों का यह सिलसिला निरंतर जारी रहेगा।