Sheikh Hasina Speech: भारत-बांग्लादेश रिश्तों में दरार? शेख हसीना के 'ऑडियो संदेश' से ढाका में मचा हड़कंप, भारत को दी चेतावनी

Sheikh Hasina Speech: बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि, बांग्लादेश की सरकार और जनता इस घटना से हैरान और आहत है। दिल्ली में इस तरह का कार्यक्रम होने देना बांग्लादेश के लोगों और सरकार का घोर अपमान है।

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भारत-बांग्लादेश रिश्तों में दरार?- फोटो : social media

Sheikh Hasina Speech: बांग्लादेश के पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिल्ली में संबोधन दिया। जिसके बाद बांग्लादेश ने भारत पर गंभीर आरोप लगाया है। शेख हसीना के संबोधन पर ढाका भड़क उठा है। दरअसल, बांग्लादेश ने रविवार को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को नई दिल्ली से सार्वजनिक संबोधन की अनुमति देना उसे “हैरान और स्तब्ध” करता है। ढाका ने इसे बांग्लादेश की जनता और सरकार का खुला अपमान करार दिया है।

बांग्लादेश में हड़कंप

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि दिल्ली में इस तरह के कार्यक्रम की इजाजत देना और एक “सामूहिक हत्यारोपी” को खुलेआम नफरत भरा भाषण देने देना बेहद गंभीर मामला है। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम भारत-बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। गौरतलब है कि शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। छात्र आंदोलन के बाद उनका करीब 15 साल पुराना शासन समाप्त हो गया था। शुक्रवार को उन्होंने दिल्ली के एक प्रेस क्लब में ऑडियो माध्यम से अपना पहला सार्वजनिक संबोधन दिया।

‘भारत ने खतरनाक मिसाल कायम की’

इस बीच, बांग्लादेश की एक अदालत ने नवंबर 2024 में शेख हसीना को अनुपस्थिति में दोषी ठहराया था। अदालत ने उन्हें हत्या के लिए उकसाने, हत्या के आदेश देने और अत्याचार रोकने में विफल रहने का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि, बांग्लादेश की सरकार और जनता इस घटना से हैरान और आहत है। दिल्ली में इस तरह का कार्यक्रम होने देना बांग्लादेश के लोगों और सरकार का घोर अपमान है। ढाका ने चेतावनी दी कि इस तरह की अनुमति एक खतरनाक मिसाल है, जो भविष्य में दोनों देशों के संबंधों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

शेख हसीना ने क्या कहा था? 

अपने भाषण में शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जनता से यूनुस सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील करते हुए कहा कि यह सरकार निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने में सक्षम नहीं है। हसीना ने मुहम्मद यूनुस को “भ्रष्ट, सत्ता का भूखा और देशद्रोही” बताते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी सरकार को गिराने की साजिश में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में पूरे राष्ट्र को एकजुट होकर मुक्ति संग्राम की भावना से प्रेरित होना होगा। विदेशी ताकतों के इशारे पर चल रही कठपुतली सरकार को किसी भी कीमत पर हटाना होगा। शेख हसीना के इस बयान और भारत में दिए गए संबोधन को लेकर अब भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।