Makar Sankranti:मकर संक्रांति पर जरा-सी गलती बन सकती है कष्ट का कारण, भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना फेरे में पड़ जाएंगे आप

मकर संक्रांति सिर्फ़ पर्व नहीं, बल्कि तप, दान, संयम और सात्विक जीवन का पैग़ाम है। शास्त्र, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में मकर संक्रांति के लिए कुछ ख़ास क़ायदे बताए गए हैं।

 Makar Sankranti
मकर संक्रांति पर जरा-सी गलती बन सकती है कष्ट का कारण- फोटो : social Media

Makar Sankranti:मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण के आरंभ का शुभ संकेत माना जाता है। यह दिन सिर्फ़ पर्व नहीं, बल्कि तप, दान, संयम और सात्विक जीवन का पैग़ाम है। शास्त्र, ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में मकर संक्रांति के लिए कुछ ख़ास क़ायदे बताए गए हैं। कहा जाता है कि इन नियमों की अनदेखी करने से लाभ रुक जाता है, सेहत बिगड़ सकती है और घर-परिवार में बे-चैनी आ सकती है।

सबसे पहले बात दक्षिण दिशा की यात्रा की। शास्त्रों के मुताबिक़ मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव उत्तरायण की ओर अग्रसर होते हैं, ऐसे में दक्षिण दिशा में यात्रा करना उनकी ऊर्जा के ख़िलाफ माना जाता है। इससे सफर में रुकावट, धन हानि या हादसे का ख़तरा बढ़ सकता है। अगर मजबूरी में जाना पड़े, तो सूर्योदय के समय जल में लाल फूल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें और “ॐ सूर्याय नमः” का जाप ज़रूर करें।

दूसरा अहम नियम तिल से जुड़ा है। तिल इस पर्व का अहम हिस्सा हैं, मगर काले तिल या काले तिल से बनी चीज़ों का दान इस दिन वर्जित माना गया है। काले तिल शनि से जुड़े होते हैं और इस दिन सूर्य का तेज़ प्रभाव रहता है। सूर्य-शनि का टकराव आर्थिक तंगी और रुकावटें ला सकता है। इसलिए सफ़ेद तिल, गुड़, चीनी या खिचड़ी का दान करना बेहतर और फलदायी माना गया है।

तीसरा नियम भोजन को लेकर है। मकर संक्रांति के दिन मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज जैसे तामसिक आहार से दूर रहना चाहिए। यह दिन सात्विकता, पाकीज़गी और संयम का है। तामसिक भोजन सूर्य की सकारात्मक ऊर्जा को कमज़ोर करता है, जिससे जिस्मानी और ज़ेहनी परेशानी बढ़ सकती है।

चौथा, इस दिन झूठ, ग़ुस्सा और नकारात्मक बातें करना सख़्त मना है। सूर्य देव सत्य, रोशनी और न्याय के प्रतीक हैं। झूठ और क्रोध उनकी कृपा को कम कर देता है। बेहतर है कि इंसान इस दिन सच बोले, सब्र रखे और दिल में नेक नियत बनाए रखे। “ॐ घृणि सूर्याय नमः” का जाप घर में सुकून और बरकत लाता है।

पांचवां और आख़िरी नियम दान से जुड़ा है। दान ज़रूर करें, मगर ग़लत चीज़ों का नहीं। काले कपड़े या काले तिल से परहेज़ करें। सफ़ेद वस्त्र, तिल के लड्डू, गुड़ और खिचड़ी का दान करें। सूर्य को अर्घ्य देते वक्त लाल चंदन और लाल फूल इस्तेमाल करें।

मकर संक्रांति के दिन इन पांच बातों से बचकर इंसान सूर्य देव की कृपा पा सकता है। सही अमल से न सिर्फ़ धन हानि रुकती है, बल्कि साल भर ज़िंदगी में सुकून, सेहत और समृद्धि बनी रहती है।