Today Panchang: भौम प्रदोष पर खुलेंगे शुभ योग? 25 अगस्त का पंचांग और पूजा समय जानें

Today Panchang: 25 अगस्त 2026 का पंचांग। आज भौम प्रदोष व्रत है। जानें त्रयोदशी तिथि, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त और पूजा का समय।

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Today Panchang:  भौम प्रदोष व्रत 25 अगस्त 2026 मंगलवार को  रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार आज शक संवत 1948, विक्रम संवत 2083 और श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि है। सुबह 6:20 बजे के बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी, इसलिए आज प्रदोष व्रत का विशेष महत्व रहेगा।


आज चंद्रमा पूरे दिन मकर राशि में रहेगा। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात 10:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू होगा। सुबह 7:41 बजे तक आयुष्मान योग रहेगा और इसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा।


25 अगस्त 2026 का पंचांग


आज द्वादशी तिथि सुबह 6:20 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी, जो 26 अगस्त की सुबह 7:59 बजे तक रहेगी। मंगलवार को त्रयोदशी पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात 10:51 बजे तक रहेगा। इसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा मकर राशि में ही संचार करेंगे।


सूर्य और चंद्रमा का समय


25 अगस्त को सूर्योदय सुबह 5:55 बजे और सूर्यास्त शाम 6:51 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 5:20 बजे होगा, जबकि चंद्रास्त अगले दिन यानी 26 अगस्त को तड़के 3:51 बजे होगा। सूर्य देव सिंह राशि में और चंद्र देव मकर राशि में रहेंगे।


आज के शुभ मुहूर्त


आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 3:55 बजे से 4:41 बजे तक रहेगा। इस समय पूजा-पाठ और ध्यान करना शुभ माना जाता है। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक और अमृत काल: दोपहर 3:49 बजे से शाम 5:34 बजे तक है।


आज का चौघड़िया


दिन की शुरुआत रोग चौघड़िया से होगी, जो सुबह 5:55 बजे से 7:32 बजे तक रहेगा। इसके बाद उद्वेग 7:32 से 9:09 बजे तक रहेगा। चर चौघड़िया सुबह 9:09 बजे से 10:46 बजे तक है और  लाभ चौघड़िया सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:23 बजे तक है। किसी शुभ काम के लिए समय चुनते समय स्थानीय पंचांग और अपने शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय को भी ध्यान में रखना बेहतर होता है।


आज का अशुभ समय


मंगलवार को राहुकाल दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ काम शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। गुलिक काल दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक और यमगंड सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक है।


भौम प्रदोष व्रत 2026: आज क्यों है खास?


मंगलवार को आने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। मंगलवार होने के कारण इस दिन भगवान शिव के साथ हनुमान जी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। आज व्रत रखने वाले भक्त शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल अर्पित करना, भगवान शिव का ध्यान करना और मंत्र-जप करना शुभ माना जाता है।


आज का उपाय


भौम प्रदोष और मंगलवार के संयोग में भगवान शिव और हनुमान जी की पूजा करें। शिवलिंग पर जल अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान शिव से सुख, शांति और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करें।