Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षकों की मेगा शिफ्टिंग की तैयारी, शहरों से गांवों का रुख करेंगे टीचर, शिक्षा विभाग ने तय किया नया फॉर्मूला

Bihar Teacher Transfer: बिहार में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और जवाबदेह बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।

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शिक्षकों की मेगा शिफ्टिंग की तैयारी- फोटो : reporter

Bihar Teacher Transfer: बिहार में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को संतुलित और जवाबदेह बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य के करीब 14 हजार शहरी सरकारी स्कूलों में मानक से अधिक तैनात शिक्षकों को अब ग्रामीण विद्यालयों में भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग का कहना है कि जिन स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, वहां से उनका तबादला कर उन विद्यालयों में पदस्थापित किया जाएगा जहां शिक्षकों की भारी कमी है। इस कवायद के बाद ही राज्यव्यापी शिक्षक ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि कई शहरी स्कूलों में 70 से 100 छात्रों पर 9 से 15 शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि विभाग ने नया मानक तय किया है कि 150 छात्रों पर अधिकतम 5 शिक्षक तैनात किए जाएंगे। इसी आधार पर सभी जिलों से स्कूलवार, विषयवार शिक्षकों की संख्या और रिक्त पदों का ब्यौरा मांगा गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ऐच्छिक स्थानांतरण के दौरान भी ऐसे विद्यालयों में नए शिक्षकों की पोस्टिंग नहीं होगी, जहां किसी विषय में पहले से एक से अधिक शिक्षक मौजूद हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप विभाग ने विषयवार संतुलन पर विशेष जोर दिया है। अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षकों की तैनाती प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। योजना यह है कि प्रत्येक विद्यालय में कम से कम एक विज्ञान शिक्षक अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके चलते विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषय के शिक्षकों के तबादले की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है।

विभाग ने कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 तक की कक्षाओं को अलग-अलग शैक्षणिक इकाई मानते हुए शिक्षकों की आवश्यकता का आकलन करने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया है। हालांकि प्रशासनिक दृष्टि से विद्यालय में एक ही प्रधानाध्यापक रहेगा। नए मानक के अनुसार 120 छात्रों तक प्रधानाध्यापक सहित पांच शिक्षक, जबकि 121 से 150 छात्रों पर छह शिक्षकों की व्यवस्था होगी। वहीं कक्षा 1 से 8 तक संचालित विद्यालयों में न्यूनतम नौ शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी और प्रत्येक विषय के लिए कम से कम एक शिक्षक अनिवार्य होगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शहरी और ग्रामीण विद्यालयों के बीच शिक्षक उपलब्धता की असमानता को खत्म करना है। उनके अनुसार जहां शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक है, वहां से उन्हें ऐसे स्कूलों में भेजा जाएगा जहां बच्चों की पढ़ाई शिक्षक अभाव के कारण प्रभावित हो रही है। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रदेश के सभी बच्चों को समान शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकेंगे।