Bihar Teacher news:बिहार में शिक्षकों के ड्रेस कोड पर सियासी घमासान, सरकार का सख्त फरमान- उल्लंघन पर 48 घंटे में होगी कार्रवाई

Bihar Teacher news: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में शिक्षकों के ड्रेस कोड का मुद्दा एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा गया।

Bihar Teachers Face Action Within 48 Hours Over Dress Code
बिहार में शिक्षकों के ड्रेस कोड पर सियासी घमासान,- फोटो : social Media

Bihar Teacher news: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में शिक्षकों के ड्रेस कोड का मुद्दा एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ा गया। सदन में राजद विधायक ने सरकार को घेरते हुए सवाल उठाया कि जब शिक्षकों और कर्मियों के लिए गरिमापूर्ण औपचारिक परिधान  पहनकर विद्यालय आने का आदेश जारी हो चुका है, तो फिर इसका पालन क्यों नहीं हो रहा है।विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि आदेश और निर्देश तो लगातार जारी किए जा रहे हैं, लेकिन स्कूलों में इसका असर नजर नहीं आ रहा। राजद विधायक ने आरोप लगाया कि ड्रेस कोड की व्यवस्था कागजों तक सीमित रह गई है और विभाग सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है।

जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सदन में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से पहले ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। 9 अक्टूबर 2024 को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि शिक्षक और कर्मचारी कार्यालय अवधि में सम्मानजनक और औपचारिक परिधान में ही विद्यालय आएं।

मंत्री ने बताया कि हाल ही में 20 जुलाई 2026 को भी सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दोबारा पत्र जारी किया गया है। इसमें साफ कहा गया है कि ड्रेस कोड का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों और कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

सदन में मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार अनुशासन और विद्यालयों की गरिमा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्कूल में शिक्षक ड्रेस कोड का पालन नहीं कर रहे हैं तो इसकी शिकायत विभाग तक पहुंचाई जाए, तत्काल कार्रवाई होगी।मिथिलेश तिवारी ने सदन में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित शिक्षक के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अब देखना होगा कि सरकार का यह सख्त रुख स्कूलों की व्यवस्था में कितना बदलाव लाता है या फिर यह मुद्दा आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में विपक्ष के लिए एक और हथियार बनता है।