Bihar Teacher News: बिहार में फर्जी गुरुजी पर गाज, खतरे में 3035 शिक्षकों की नौकरी , नकली डिग्री से कुर्सी हथियाने वालों से सूद समेत होगी वेतन वसूली
Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में नौकरी कर रहे हजारों शिक्षकों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है।...
Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में नौकरी कर रहे हजारों शिक्षकों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। फर्जी शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाण पत्र के सहारे शिक्षक की नौकरी हासिल करने वाले 3035 शिक्षकों की पहचान कर ली गई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच के बाद सरकार ने ऐसे शिक्षकों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है।
जांच एजेंसी ने इन फर्जी शिक्षकों के खिलाफ अब तक 1830 एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि कई शिक्षकों ने फर्जी विश्वविद्यालय, नकली कॉलेज और जाली प्रमाण पत्रों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल की। इनमें कुछ मामले पड़ोसी देश नेपाल समेत देश के कई राज्यों से जुड़े फर्जी दस्तावेजों के सामने आए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, चिह्नित शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, नौकरी के दौरान उन्हें मिले वेतन, मानदेय और अन्य भुगतान की भी सूद समेत वसूली की जाएगी। निगरानी ब्यूरो ने फर्जी शिक्षकों की पूरी सूची आगे की कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग को सौंप दी है।दरअसल, साल 2006 से 2015 के बीच हुई शिक्षक बहाली में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद पटना हाई कोर्ट के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी।
जांच के दौरान करीब 3.50 लाख शिक्षकों के 6.70 लाख प्रमाण पत्रों की पड़ताल की गई। इसमें नेपाल सहित देश के 378 बोर्ड और विश्वविद्यालयों से डिग्रियों की सत्यता की जांच कराई गई। कई मामलों में ऐसे कॉलेज मिले जो कागजों में तो मौजूद थे, लेकिन जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं था। वहीं कई संस्थानों ने प्रमाण पत्र जारी करने से ही इनकार कर दिया।
तफ्तीश में यह भी सामने आया कि कुछ शिक्षकों ने दूसरे व्यक्तियों के नाम पर जारी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल कर नौकरी हासिल की। कई प्रमाण पत्रों में नाम, रोल नंबर और पते तक में गड़बड़ी मिली। कुछ शिक्षकों के दस्तावेजों से जुड़े रिकॉर्ड गायब होने के कारण जांच भी अधूरी रह गई।फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद कई शिक्षकों ने कार्रवाई के डर से पहले ही इस्तीफा दे दिया है। अब सरकार की कार्रवाई से फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे सरकारी नौकरी पाने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। निगरानी की जांच पूरी होने के साथ आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।