प्रोफेसर का खुलेआम धमकी...200 दो तभी प्रैक्टिकल में करेंगे पास, कॉलेज में अवैध वसूली का वीडियो वायरल होते हीं मचा हड़कंप
Bihar Education News: परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्र-छात्राएं उत्तरपुस्तिका जमा करने पहुंचे, तो उनसे खुलेआम 200 रुपये प्रति पेपर की मांग की गई।...
Bihar Education News: जमुई के शैक्षणिक हलकों में एक वायरल वीडियो ने सनसनी फैला दी है। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित धनराज सिंह कॉलेज में प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान छात्र-छात्राओं से प्रति पेपर 200 रुपये की कथित अवैध वसूली की जा रही है। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि पैसा नहीं देने पर छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षा में फेल करने की धमकी दी जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।शेखपुरा में ये मामला वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, एसकेआर कॉलेज बरबीघा, रामाधीन महाविद्यालय शेखपुरा, सीएनबी कॉलेज हथियावां, एसएस कॉलेज मेहुस और संजय गांधी महिला कॉलेज के बीएससी सेमेस्टर-3 और सेमेस्टर-5 के छात्रों का प्रैक्टिकल परीक्षा केंद्र धनराज सिंह कॉलेज बनाया गया है। आरोप है कि परीक्षा समाप्त होने के बाद जब छात्र-छात्राएं उत्तरपुस्तिका जमा करने पहुंचे, तो उनसे खुलेआम 200 रुपये प्रति पेपर की मांग की गई।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक छात्रा को पैसा देने से इनकार करते हुए देखा जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इसके बाद उसकी कॉपी जमा करने से मना कर दिया गया। इस घटना का वीडियो कुछ छात्रों ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
छात्र-छात्राओं का आरोप है कि प्रैक्टिकल परीक्षा कुल चार पेपर की है और 200 रुपये प्रति पेपर के हिसाब से प्रत्येक विद्यार्थी से 800 रुपये तक की वसूली की जा रही है। इस कथित वसूली को लेकर छात्रों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है और कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।मामले ने अब सियासी और छात्र राजनीति का भी ध्यान खींच लिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मुंगेर विश्वविद्यालय से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह मामला वायरल वीडियो और छात्र-छात्राओं के आरोपों के आधार पर सामने आया है। कॉलेज प्रशासन और संबंधित प्राध्यापकों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हैं।
रिपोर्ट- उमेश कुमार