शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ के कारण चर्चा में आया मुंबई का यह गैंगस्टर, अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम का था कट्टर दुश्मन
शाहिद कपूर की फिल्म 'ओ रोमियो' दाऊद के कट्टर दुश्मन हुसैन उस्तारा की कहानी पर आधारित है। उस्तारा की बेटी ने पिता की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए मेकर्स को लीगल नोटिस भेजा है।
N4N Desk - शाहिद कपूर एक बार फिर पर्दे पर 'एंग्रीमैन' के अवतार में धमाका करने को तैयार हैं। फिल्म 'ओ रोमियो' का ट्रेलर रिलीज होते ही इसमें शाहिद के किरदार को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जो मुंबई के कुख्यात गैंगस्टर हुसैन उस्तारा से प्रेरित बताया जा रहा है। जहां एक ओर प्रशंसक शाहिद के खूंखार लुक की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हुसैन उस्तारा की बेटी ने फिल्म के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है।
कौन था दाऊद का दुश्मन हुसैन उस्तारा?
हुसैन शेख, जिसे दुनिया 'हुसैन उस्तारा' के नाम से जानती थी, 1980 और 90 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड का एक बड़ा नाम था। वह दाऊद इब्राहिम की 'डी कंपनी' का कट्टर विरोधी था और दाऊद के प्रभुत्व को स्वीकार करने के बजाय उससे सीधे टक्कर लेता था। उस्तारा जबरन वसूली, तस्करी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे अपराधों में शामिल था, लेकिन उसकी असली पहचान दाऊद को खत्म करने की उसकी जिद से बनी।
कैसे पड़ा 'उस्तारा' नाम? हुसैन शेख का नाम 'उस्तारा' पड़ने के पीछे एक खौफनाक किस्सा है। क्राइम राइटर एस. हुसैन जैदी के अनुसार, एक गैंगवार के दौरान हुसैन ने अपने दुश्मनों पर शार्प ब्लेड (उस्तरा) से हमला किया था। घाव इतना गहरा था कि डॉक्टर भी उसे देखकर दंग रह गए थे। इसी घटना के बाद जुर्म की दुनिया में वह हुसैन उस्तारा के नाम से मशहूर हो गया।
सपना दीदी के साथ दाऊद को मारने की साजिश
हुसैन उस्तारा ने दाऊद को मारने के लिए 'लेडी डॉन' सपना दीदी के साथ हाथ मिलाया था। सपना दीदी अपने पति की हत्या का बदला दाऊद से लेना चाहती थीं। हुसैन ने ही सपना को जुर्म की दुनिया के गुर सिखाए और उसे ट्रेन किया। हालांकि, उनके कई प्रयास विफल रहे। दाऊद ने 1994 में सपना दीदी की हत्या करवा दी और बाद में हुसैन उस्तारा को भी दाऊद के गुर्गों ने मौत के घाट उतार दिया।
कानूनी विवादों में घिरी फिल्म
फिल्म 'ओ रोमियो' 13 फरवरी को रिलीज होने वाली है, लेकिन उससे पहले ही यह कानूनी पचड़े में फंस गई है। हुसैन उस्तारा की बेटी सनोबर शेख ने मेकर्स को लीगल नोटिस भेजकर 2 करोड़ रुपये की मांग की है। उनका आरोप है कि फिल्म में उनके पिता की छवि को नकारात्मक रूप से दिखाया गया है और इसे बनाने से पहले परिवार से अनुमति नहीं ली गई।