Geeta Kapur Controversy:मैं कोई नन नहीं हूं, 'न मैं कुंवारी हूं’, फिजिकली सैटिस्फाईड हूं, इंटीमेसी पर कोरियोग्राफर गीता कपूर की दो-टूक- “आपको क्या लगता है, मैं नहीं करती होऊंगी?" , बयान से मचा बवाल

मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर ने शादी न करने के अपने फैसले, इंटीमेसी और पर्सनल लाइफ को लेकर ऐसी बातें कही हैं, जिसने सोशल मीडिया से लेकर एंटरटेनमेंट गलियारों तक हलचल मचा दी है।...

I am No Nun or Virgin Geeta Kapur on Intimacy Sparks Row
'मैं कुंवारी नहीं हूं, फिजिकली सैटिस्फाईड हूं'- फोटो : social Media

Geeta Kapur Controversy: डांस फ्लोर पर अपने इशारों से सितारों को नचाने वालीं मशहूर कोरियोग्राफर गीता कपूर एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका कोई धमाकेदार डांस मूव नहीं, बल्कि उनकी ज़िंदगी पर दिया गया बेबाक बयान है। 52 साल की गीता  ने शादी न करने के अपने फैसले, इंटीमेसी और पर्सनल लाइफ को लेकर ऐसी बातें कही हैं, जिसने सोशल मीडिया से लेकर एंटरटेनमेंट गलियारों तक हलचल मचा दी है।

गीता  ने दो टूक कहा कि वह न तो कुंवारी हैं और न ही कोई नन। उन्होंने गुस्से और ठहराव के साथ कहा, “मैं कोई साध्वी नहीं हूं, मैं भी एक आम इंसान हूं।” इंटीमेसी के सवाल पर उन्होंने बिना लाग-लपेट के जवाब देते हुए कहा, “आपको क्या लगता है, मैं नहीं करती होऊंगी? इसमें बुराई क्या है? मैं फिजिकली सैटिस्फाइड हूं और आज भी अपने बयान पर कायम हूं।” उनका कहना था कि अगर कोई डेट करता है, अपनी ज़िंदगी अपनी शर्तों पर जीता है, तो उसमें गलत क्या है?

बिना शादी के ‘गीता मां’ बनने का उनका सफर भी कम दिलचस्प नहीं है। दरअसल, यह नाम उन्हें उनके स्टूडेंट्स ने प्यार से दिया था, जिसे बाद में फैंस ने भी अपना लिया। लेकिन गीता का कहना है कि सिर्फ इसलिए कि लोग उन्हें ‘मां’ कहते हैं, यह मान लेना सरासर गलत है कि उनकी कोई पर्सनल लाइफ नहीं हो सकती। “आपने मुझे एक उपाधि दे दी, मैंने आपसे मांगी नहीं,” गीता ने साफ कहा।

 गीता कपूर ने उन धारणाओं पर सवाल उठाए, जिनके तहत लोग किसी महिला की उम्र, पहचान या इमेज के आधार पर उसकी इच्छाओं और भावनाओं पर ताले लगा देते हैं। उनका कहना है कि जो बातें आम लोगों के लिए नॉर्मल मानी जाती हैं, वही बातें किसी पब्लिक फिगर के लिएअचानक टैबू क्यों बन जाती हैं?

गीता ने यह भी साफ किया कि उनका मकसद किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं था। वह सिर्फ यह दिखाना चाहती थीं कि फीलिंग्स हर इंसान की होती हैं चाहे वह आम हो या खास। “मेरे घर में भी वही सब है, जो आपके घर में है,” कहकर गीता मां ने यह जता दिया कि स्टारडम के पीछे भी एक आम दिल धड़कता है।

अब गीताका यह बयान कुछ लोगों को चौंकाता है, तो कुछ के लिए यह आज़ादी और आत्मस्वीकृति का बेबाक पैग़ाम बन गया है।