गैंगस्टर प्रिंस खान का भाई गिरफ्तार: कोलकाता से पकड़ा गया बंटी खान, जाली पासपोर्ट पर विदेश भागने की थी तैयारी

धनबाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बंटी खान जाली पासपोर्ट बनवाकर देश छोड़कर विदेश में छिपे अपने भाई के पास भागने की फिराक में था।

Dhanbad gangster prince khan brother bunty khan arrested
प्रिंस खान के भाई बंटी खान को कोलकाता से धनबाद पुलिस ने दबोचा - फोटो : news 4 nation

धनबाद पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के भाई बंटी खान को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, बंटी खान जाली पासपोर्ट बनवाकर देश छोड़कर विदेश में छिपे अपने भाई के पास भागने की फिराक में था। हालांकि, धनबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके इस प्लान को नाकाम कर दिया।

विशेष टीम ने छापेमारी कर की कार्रवाई

धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार को बंटी खान के कोलकाता में छिपे होने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए देश छोड़ने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर तुरंत एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने कोलकाता में सटीक लोकेशन पर छापेमारी कर बंटी खान को गिरफ्तार किया और फिर उसे धनबाद लाया गया।

जनवरी में ही जमानत पर आया था बाहर

बंटी खान इसी साल जनवरी में करीब चार साल जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर आया था। उस पर धनबाद के चर्चित नन्हें खान हत्याकांड समेत एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। जेल में रहने के दौरान भी उसके खिलाफ कई नए मामले दर्ज हुए थे, लेकिन बाद में उसे अदालत से एक-एक कर सभी मामलों में जमानत मिल गई थी।

चर्चित नन्हें हत्याकांड से जुड़ा है इतिहास

24 नवंबर 2021 को नया बाजार निवासी महताब आलम उर्फ नन्हें की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसकी जिम्मेदारी गैंगस्टर प्रिंस खान ने ली थी। इस मामले में पुलिस ने मार्च 2022 में बंटी खान को उत्तर प्रदेश के एक रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। बाद में उसे धनबाद से मधुपुर जेल ट्रांसफर किया गया था, जहां से वह जमानत पर रिहा हुआ था।

पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद

जेल से बाहर आने के बाद से ही धनबाद पुलिस बंटी खान की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए थी। फिलहाल पुलिस बंटी खान से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस पूछताछ से फरार गैंगस्टर प्रिंस खान, उसके संभावित ठिकानों और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।