नक्सलवाद पर करारी चोट: DGP के सामने 27 नक्सलियों का सरेंडर, मुख्य धारा में लौटे
Jharkhand News : प्रदेश से नक्सलवाद के सफाए की दिशा में सुरक्षाबलों को एक और ऐतिहासिक कामयाबी मिली है।डीजीपी तदाशा मिश्रा के नेतृत्व में ऑपरेशन "नव जीवन" के तहत 27 नक्सलियों ने 16 आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया....
Ranchi : झारखंड में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को एक और ऐतिहासिक कामयाबी मिली है। राज्य में चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत गुरुवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय में एक बड़े आत्मसमर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा की मौजूदगी में कुल 27 सक्रिय नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। सुरक्षाबलों की इस बड़ी सफलता को झारखंड से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
ऑपरेशन 'नव जीवन' के तहत मिली बड़ी कामयाबी
पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह बड़ी सफलता झारखंड पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन "नव जीवन" के तहत मिली है। आत्मसमर्पण करने वाले कुल 27 नक्सलियों में से 25 प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के सदस्य हैं, जबकि 2 नक्सली झारखंड जनमुक्ति परिषद (JJMP) कैडर से जुड़े हुए हैं। लंबे समय से सुरक्षाबलों के दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन सभी ने हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला किया।
16 आधुनिक हथियारों के साथ किया सरेंडर
आत्मसमर्पण के दौरान इन नक्सलियों ने केवल हार ही नहीं मानी, बल्कि अपने साथ भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी पुलिस के हवाले किया। डीजीपी तदाशा मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में नक्सलियों ने कुल 16 आधुनिक हथियार सरेंडर किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर कैडरों के टूटने और हथियारों की बरामदगी से नक्सली संगठनों की रीढ़ पूरी तरह से टूट गई है और उनके नेटवर्क को गहरा धक्का लगा है।
"आज स्वागत का दिन है, जवानों के बलिदान को सलाम" - DGP
इस ऐतिहासिक मौके पर भावुक और गर्व भरे लहजे में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा, "आज का दिन हमारे लिए स्वागत का दिन है, क्योंकि भटके हुए लोग समाज की मुख्य धारा में वापस लौट आए हैं। हम इनका स्वागत करते हैं और सरकार की नीति के तहत इन्हें नई शुरुआत का मौका दिया जाएगा।" इसके साथ ही डीजीपी ने नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर डटे रहने वाले सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए कहा कि आज के दिन हम अपने उन वीर जवानों के बलिदान को भी सलाम करते हैं, जिन्होंने राज्य की शांति के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी।
सरकार की पुनर्वास नीति का दिख रहा असर
झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन 'नव जीवन' का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा छोड़कर मुख्य धारा में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाले आर्थिक लाभ, जमीन और बच्चों की शिक्षा जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। प्रशासन ने राज्य में सक्रिय अन्य नक्सलियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें, अन्यथा सुरक्षाबलों का कड़ा अभियान इसी तरह जारी रहेगा।