50 घूस ले रही थी महिला थाना प्रभारी, ACB ने रंगे हाथ दबोचा

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए गुरुवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट सह महिला थाना प्रभारी को घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी केस मे राहत दिलाने के नाम पर 4.5 लाख रिश्वत मांगी थी.....

50 घूस ले रही थी महिला थाना प्रभारी, ACB ने रंगे हाथ दबोचा
घूस लेते महिला थाना प्रभारी गिरफ्तार- फोटो : रिपोर्टर

N4N Desk : भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गुरुवार को खूंटी की AHTU (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) सह महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई महिला थाने परिसर में ही की गई, जहां आरोपी अधिकारी शिकायतकर्ता से घूस की रकम स्वीकार कर रही थीं।


केस में राहत दिलाने के एवज में मांगी थी 4.50 लाख की घूस

मिली जानकारी के अनुसार, खूंटी के हुरलुंग निवासी श्याम कुमार ने ACB में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उनके खिलाफ महिला थाने में कांड संख्या-06/2025 दर्ज है। इस मामले की जांच के दौरान केस में राहत देने और जांच में सहयोग करने के एवज में थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना ने कुल 4 लाख 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।


शिकायत के सत्यापन के बाद ACB रांची ने जाल बिछाकर की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद ACB ने गुप्त रूप से आरोपों का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की बात प्रथम दृष्टया सही पाई गई। दोनों पक्षों के बीच सौदेबाजी के बाद पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने तय हुए थे। शिकायत की पुष्टि होने पर ACB ने 29 जुलाई 2026 को रांची थाना कांड संख्या-15/26 दर्ज करते हुए विशेष ट्रैप टीम का गठन किया।


50 हजार की पहली किस्त लेते पकड़ी गईं

गुरुवार को तय योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता रिश्वत की पहली किस्त लेकर महिला थाने पहुंचा। जैसे ही थाना प्रभारी ने 50 हजार रुपये की राशि स्वीकार की, आसपास तैनात ACB की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी पुलिस अधिकारी को अपने साथ ले गई, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।


भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 की धारा 7(ए) के तहत दर्ज की गई प्राथमिकी

ACB अधिकारियों के अनुसार, आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसी रिश्वत से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है। पूछताछ और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी अधिकारी को सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा।