JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी: सचिव के ठिकानों पर CID की छापेमारी, दफ्तर और आवास खंगाले

झारखंड की राजधानी रांची से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के सचिव के ठिकानों पर सीआईडी ने छापेमारी की है। मिली जानकारी के अनुसार यह छापेमारी JSSC CGL परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर की गई है.....

JSSC CGL परीक्षा गड़बड़ी: सचिव के ठिकानों पर CID की छापेमारी

Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तर (JGGLCCE-2023) परीक्षा में हुई धांधली के मामले में सीआईडी (CID) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी की टीम ने तड़के सुबह पांच बजे जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता के मोरहाबादी (हरिहर सिंह रोड) स्थित आवास पर अचानक दबिश दी। घंटों तक चली इस गहन तलाशी के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके तुरंत बाद टीम ने जेएसएससी कार्यालय में भी छापेमारी कर रिकॉर्ड खंगाले।


सचिव सुधीर गुप्ता से नामकुम थाने में पूछताछ

छापेमारी की कार्रवाई के बाद सीआईडी की टीम जेएसएससी सचिव सुधीर गुप्ता को नामकुम थाने ले गई, जहां उनसे अधिकारियों द्वारा घंटों पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही आयोग कार्यालय से जब्त किए गए कागजातों और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच चल रही है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन अहम दस्तावेजों के जरिए परीक्षा में हुई गड़बड़ी और संदिग्ध सांठगांठ के मजबूत सुराग हाथ लग सकते हैं।


सभी सफल अभ्यर्थी जांच के घेरे में

मिली जानकारी के मुताबिक, सीआईडी अब JSSC CGL परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का पुनर्मूल्यांकन करने की योजना बना रही है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हर सफल अभ्यर्थी को जांच के दायरे में लाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट रुख है कि पड़ताल में यदि किसी भी अभ्यर्थी, बिचौलिए या कर्मचारी की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


छात्र आंदोलन और SIT जांच के बीच बड़ी कार्रवाई

राज्य में JSSC CGL समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक के खिलाफ अभ्यर्थी काफी समय से आंदोलनरत हैं। मामले में एसआईटी (SIT) पहले से ही जांच में जुटी हुई है, लेकिन आयोग के शीर्ष अधिकारी के आवास और दफ्तर पर सीआईडी के इस छापे ने छात्रों के बीच हलचल बढ़ा दी है। परीक्षार्थियों की प्रमुख मांग रही है कि कथित गड़बड़ियों के जिम्मेदार लोगों को बेनकाब कर पूरी परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए।


आगे क्या होगा: सबूतों और फॉरेंसिक निष्कर्षों पर टिका मामले का भविष्य 

सीआईडी की इस आक्रामक कार्रवाई से साफ है कि यह मामला केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं रहने वाला है। वर्तमान में जांच एजेंसी आयोग से जुटाए गए भौतिक दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है। पूरी पड़ताल और फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि धांधली किस स्तर पर हुई और इसके मुख्य सूत्रधार कौन थे। फिलहाल पूरी प्रक्रिया सबूतों के संकलन पर टिकी हुई है।


ब्यूरो रिपोर्ट