JSSC-CGL समेत 14 परीक्षाएं रद्द होने के बाद छात्र नेता देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन : कहा—पहला चरण सफल, अब अगला लक्ष्य है यह
झारखंड की सोरेन सरकार द्वारा JSSC-CGL समेत 14 परीक्षाएं रद्द करने के एलान के बाद राजधानी रांची में पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो और छात्रों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। वहीं छात्र नेता देवेन्द्र महतों ने अब अपने
Ranchi : झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ पिछले 15 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन आखिरकार रंग लाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए JSSC-CGL परीक्षा और वर्ष 2014 से आउटसोर्स एजेंसी TDPL (टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया गया।
सरकार के इस फैसले के बाद राज्यभर के अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो और उनके साथियों ने अपना अनशन समाप्त कर दिया।
पहला चरण सफल, अब मजबूत सिस्टम की मांग: देवेंद्र महतो
अनशन समाप्त करने के बाद छात्र नेता देवेंद्र महतो ने आगे की रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि आंदोलन का पहला चरण सफल हो गया है। उन्होंने 2 जुलाई से शुरू हुए इस सत्याग्रह को समर्थन देने के लिए पूरे देश और राज्य के लोगों का आभार जताया, साथ ही त्वरित कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का धन्यवाद किया।
आगे की रणनीति पर बात करते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि "14 परीक्षाएं तो रद्द हो गईं, लेकिन अब सवाल यह है कि आगे होने वाली परीक्षाओं में क्या पेपर लीक नहीं होगा? हमारा अगला लक्ष्य यह है कि सरकार हमें एक ऐसे एजुकेशन सिस्टम की गारंटी दे, जिससे भविष्य में कभी धांधली न हो। इसके लिए चाहे नया कानून बनाना पड़े या संविधान में संशोधन करना पड़े। हम हर परीक्षा का ऑडिट, पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही चाहते हैं। इसके लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।"
आंदोलन के प्रमुख पड़ाव:
- 2 जुलाई: आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर शुरुआत।
- 5 जुलाई: प्रत्यक्ष संघर्ष का आगाज।
- 25 जुलाई: बापू वाटिका, मोरहाबादी से सत्याग्रह शुरू कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम तक मार्च।
- 2 अगस्त: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरुआत।
CID और SIT जांच में चौंकाने वाले खुलासे: सीएम हेमंत सोरेन
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि छात्रों की मांगों को संवेदनशील मानते हुए JSSC-CGL और TDPL द्वारा आयोजित/जारी नतीजों वाली सभी परीक्षाओं को निरस्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक 'परीक्षा सुधार समिति' के गठन की घोषणा की।
सीएम सोरेन ने कहा कि CID और SIT जांच के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, जिनका फिलहाल खुलासा नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में काम कर रही कई आउटसोर्सिंग कंपनियां एक बड़े देशव्यापी 'परीक्षा गैंग' में संलिप्त प्रतीत होती हैं। सरकार ने पहले ही 'झारखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और निवारण) अधिनियम' लागू किया है और भविष्य में पूरी शुचिता के साथ परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी।
ब्यूरो रिपोर्ट