हाथियों का 'डेथ वारंट': 7 दिन, 17 मौतें; अब ओडिशा की स्पेशल टीम संभालेगी मोर्चा!

झारखंड में हाथियों के आतंक और जान-माल के नुकसान की गंभीरता को देखते हुए ओडिशा की स्पेशल टीम संभालेगी मोर्चा अबतक अब तक 17 लोगों की जान ले ली है. एक ही परिवार के 4 सदस्यों सहित कुल 7 लोगों को कुचलकर मार डाला.

हाथियों का 'डेथ वारंट': 7 दिन, 17 मौतें; अब ओडिशा की स्पेशल
झारखंड में हाथियों का 'डेथ वारंट': 7 दिन, 17 मौतें; अब ओडिशा की स्पेशल टीम संभालेगी मोर्चा!- फोटो : News 4 Nation

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों ने भीषण उत्पात मचा रखा है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पिछले 7 दिनों के भीतर इन हिंसक हाथियों ने कुल 17 लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया है। हाथियों के इस झुंड ने विशेष रूप से नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया और बावडिया गांवों को अपना निशाना बनाया, जहाँ एक ही दिन में 7 लोगों की जान ले ली गई।


एक ही परिवार के चार सदस्यों का दर्दनाक अंत

हाथियों के यमराज बनने की सबसे खौफनाक घटना बावडिया गांव में घटी, जहाँ एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। मृतक सनातन मेराल अपनी पत्नी, नाबालिग बेटी और बेटे के साथ ठंड से बचने के लिए पुआल की झोपड़ी में सो रहे थे, तभी हाथियों ने उन्हें कुचल डाला। इस घटना में सनातन का एक बेटा जयपाल, जो दूसरी झोपड़ी में सो रहा था, किसी तरह अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहा। इसके बाद हाथियों ने गम्हरिया क्षेत्र में भी एक महिला को मार डाला और कई अन्य को घायल कर दिया।

ओडिशा से बुलाई गई विशेषज्ञों की स्पेशल टीम

लगातार बढ़ती मौतों और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग ने हाथियों को नियंत्रित करने के लिए कमर कस ली है। विभाग ने एक विशेष टीम का गठन किया है और सहायता के लिए ओडिशा से विशेषज्ञों की एक प्रशिक्षित टीम को पश्चिमी सिंहभूम बुलाया गया है। यह टीम हिंसक हो चुके हाथियों को पकड़कर या नियंत्रित कर सुरक्षित स्थानों और जंगलों में वापस छोड़ने का प्रयास करेगी।

प्रशासन सतर्क और प्रभावित क्षेत्रों में दहशत

हाथियों के इस जानलेवा हमले में अब तक चार से अधिक लोग घायल हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। झारखंड में हाथियों के आतंक का यह कोई पहला मामला नहीं है; इससे पहले फरवरी 2023 में रांची के इटकी में भी हाथियों ने चार लोगों की जान ली थी, जिसके बाद वहां धारा 144 लगानी पड़ी थी। फिलहाल वन विभाग और प्रशासन लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दे रहे हैं और हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है।