Sugar Intake: डायबिटीज में चीनी कितनी सही? जानें महीने और दिन का पूरा हिसाब

Sugar Intake: डायबिटीज में महीने भर कितनी चीनी रखनी चाहिए? जानिए अतिरिक्त चीनी की सामान्य सीमा, कार्बोहाइड्रेट का असर और ज्यादा चीनी खाने के संभावित नुकसान।

Sugar Intake

Sugar Intake: चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच अब लोगों के लिए यह सवाल भी अहम हो गया है कि घर के महीने भर के राशन में कितनी चीनी रखनी चाहिए। खासकर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए चीनी की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है। हालांकि, डायबिटीज में चीनी को पूरी तरह बंद करना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं होता। सबसे ज्यादा ध्यान कुल कार्बोहाइड्रेट, अतिरिक्त चीनी और पूरी डाइट पर देना चाहिए।


डायबिटीज में महीने भर के लिए कितनी चीनी?


डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए एक महीने में चीनी की कोई तय मात्रा नहीं बताई जा सकती। जरूरत व्यक्ति की उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, डायबिटीज के प्रकार, दवाओं और रोजाना की पूरी डाइट पर निर्भर करती है, इसलिए सिर्फ यह तय करना कि महीने में कितने किलो चीनी इस्तेमाल करनी है, पर्याप्त नहीं है। चाय, मिठाई, बिस्किट, मीठे पेय और पैकेज्ड फूड से मिलने वाली अतिरिक्त चीनी को भी कुल मात्रा में शामिल करना चाहिए।


रोजाना कितनी अतिरिक्त चीनी?


विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की सामान्य सलाह के मुताबिक, रोजाना मिलने वाली कुल कैलोरी में फ्री शुगर की मात्रा 10 प्रतिशत से कम रखनी चाहिए। इसे और कम करके करीब 5 प्रतिशत तक रखने से अतिरिक्त स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, आम तौर पर महिलाओं के लिए रोजाना करीब 25 ग्राम और पुरुषों के लिए करीब 36 ग्राम अतिरिक्त चीनी की सीमा बताई जाती है। हालांकि डायबिटीज वाले व्यक्ति के लिए व्यक्तिगत जरूरत अलग हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर डायबिटीज मरीज रोजाना इतनी ही चीनी ले सकता है। डॉक्टर या डाइटिशियन आपकी दवाओं, ब्लड शुगर और डाइट के आधार पर ज्यादा सही सीमा बता सकते हैं।


क्या डायबिटीज में चीनी पूरी तरह बंद करनी पड़ती है?


ऐसा जरूरी नहीं है। डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को चीनी पूरी तरह छोड़नी ही होगी। लेकिन मीठी चीजों की मात्रा और उन्हें कितनी बार खाया जा रहा है, इस पर नियंत्रण रखना जरूरी है।सिर्फ चीनी ही ब्लड शुगर को प्रभावित नहीं करती। ब्रेड, चावल, रोटी, आलू और दूसरे कार्बोहाइड्रेट वाले खाद्य पदार्थ भी शरीर में टूटकर ग्लूकोज में बदलते हैं। इसलिए डायबिटीज मैनेजमेंट में पूरी डाइट को देखना जरूरी है।


ज्यादा चीनी खाने से क्या नुकसान हो सकता है?


डायबिटीज में जरूरत से ज्यादा चीनी और कुल कार्बोहाइड्रेट लेने से ब्लड शुगर को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। लंबे समय तक ब्लड शुगर अधिक रहने पर आंखों, किडनी, नसों, हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।यह भी समझना जरूरी है कि सिर्फ चीनी खाने से डायबिटीज नहीं होती। डायबिटीज एक जटिल बीमारी है, जिसमें आनुवंशिक कारण, वजन, शारीरिक गतिविधि, खान-पान और कई अन्य कारक भूमिका निभाते हैं।


महीने भर की चीनी तय करने से ज्यादा जरूरी क्या?


अगर परिवार में डायबिटीज का मरीज है तो घर में चीनी की मात्रा कम रखना मददगार हो सकता है, लेकिन केवल किलो के हिसाब से लक्ष्य तय करना सही तरीका नहीं है। चाय-कॉफी में कितनी चीनी डाली जा रही है, मिठाई और मीठे पेय कितने लिए जा रहे हैं और पूरे दिन में कितना कार्बोहाइड्रेट लिया जा रहा है, इन सभी बातों पर ध्यान देना ज्यादा महत्वपूर्ण है।