Cervical Spondylitis:बढ़ रहे ‘टेक्स्ट नेक सिंड्रोम’ के मामले, मोबाइल का प्रयोग करने वाले हो जाएं सावधान, गलती से भी न करें ये काम

Cervical Spondylitis:अगर आप भी ज्यादा मोबाइल फोन चलाते हैं, तो सावधान हो जाइए नहीं तो इसके गंभीर परिणाम आपको भुगतने पड़ सकते हैं। ...

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मोबाइल का प्रयोग करने वाले हो जाएं सावधान- फोटो : Hiresh Kumar

Cervical Spondylitis:आज के समय में मोबाइल जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन गया है। इस डिजिटल युग में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों ने कार्यों को सरल बना दिया है, लेकिन इसके साथ ही यह हानिकारक भी हो सकता है। मोबाइल दैनिक कार्यों  का एक प्रमुख साधन बन चुका है। बड़े बुजुर्गों से लेकर छोटे बच्चों तक सभी मोबाइल के उपयोग के आदी हो गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग आपकी सेहत के लिए गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है?

मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग से टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के मामले बढ़ रहे है। टेक्स्ट नेक सिंड्रोम एक मस्कुलोस्केलेटल समस्या है जो मुख्य रूप से स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अत्यधिक उपयोग के कारण होती है। जब लोग लंबे समय तक अपने सिर को आगे की ओर झुकाकर स्क्रीन देखते हैं, तो इससे गर्दन और रीढ़ पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह स्थिति गर्दन, कंधे और पीठ में दर्द का कारण बन सकती है।

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हाल के अध्ययनों से पता चला है कि 73 फिसदी विश्वविद्यालय के छात्र और 64.7 फिसदी वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग टेक्स्ट नेक सिंड्रोम से प्रभावित हो सकते हैं।आईजीआईएमएस के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ रोहित उपाध्याय के अनुसार गर्दन में लगातार या रुक-रुक कर दर्द, कंधे और पीठ के ऊपरी हिस्से में दर्द,हाथों में झनझनाहट या कमजोरी टेक्स्ट नेक सिंड्रोम के लक्षणों में शुमार है। 

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डॉ रोहित के अनुसार इस समस्या का मुख्य कारण मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग और गलत शारीरिक मुद्रा है। जब लोग अपने फोन को नीचे की ओर रखते हैं, तो उनकी गर्दन 15 डिग्री या उससे अधिक झुकी रहती है, जिससे मांसपेशियों पर तनाव बढ़ता है।

डॉ रोहित ने बताया कि टेक्स्ट नेक सिंड्रोम से बचने के लिए मोबाइल उपकरणों का उपयोग करते समय उन्हें आंखों के स्तर पर रखें। हर 20-30 मिनट में ब्रेक लें ताकि गर्दन और कंधों को आराम मिल सके और नियमित रूप से गर्दन और कंधों के लिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।आपको तकिए के नीचे फोन रखकर नहीं सोना चाहिए, क्योंकि सोते समय कई तरह के रेडिएशन निकलते हैं, जिनका आपके ब्रेन पर बुरा असर पड़ता है.