Rice Washing Tips: चावल धोने का सही तरीका क्या है? जानें कितनी बार धोएं और क्यों न रगड़ें जोर से

Rice Washing Tips: चावल पकाने से पहले उसे सही तरीके से धोना जरूरी है। जानें कितनी बार चावल धोना चाहिए, जोर से रगड़ने से क्यों बचें और चावल धोने व भिगोने में क्या अंतर है।

Rice Washing Tips

Rice Washing Tips: चावल भारतीय घरों की रसोई का अहम हिस्सा है। दाल हो या सब्जी, ज्यादातर घरों में चावल बनाने से पहले उसे पानी से धोना रोज का काम है। लेकिन चावल धोने का तरीका भी काफी मायने रखता है। सिर्फ एक बार पानी डालकर निकाल देने से जहां दानों की सतह पर मौजूद महीन कण पूरी तरह नहीं निकल पाते, वहीं बहुत ज्यादा रगड़ने से चावल टूट सकते हैं।


सही तरीके से चावल धोने पर उसकी सतह से धूल, छोटे अवशेष और अतिरिक्त स्टार्च पाउडर हटाने में मदद मिलती है। इससे पकने के बाद चावल की बनावट भी बेहतर रह सकती है।


चावल पर जमा हो सकता है महीन स्टार्च


चावल खेत से लेकर प्रोसेसिंग, पैकिंग और फिर हमारी रसोई तक पहुंचने के दौरान कई चरणों से गुजरता है। इस दौरान दानों की सतह पर धूल या दूसरे छोटे कण मौजूद हो सकते हैं। पैकेट में रखे चावल के दाने आपस में रगड़ खाते हैं, जिससे उनकी बाहरी सतह पर महीन स्टार्च पाउडर भी जमा हो सकता है। अगर इस अतिरिक्त स्टार्च को हटाए बिना चावल पकाया जाए, तो कुछ किस्मों में चावल ज्यादा चिपचिपा हो सकता है। इसलिए पकाने से पहले सामान्य तरीके से चावल धोना उपयोगी माना जाता है।


क्या हर तरह के चावल को धोना जरूरी है?


सफेद चावल, ब्राउन राइस, लंबे दाने वाले चावल और छोटे दाने वाले चावल को आम तौर पर पकाने से पहले धोया जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य दानों की सतह पर मौजूद धूल और अतिरिक्त महीन कणों को हटाना होता है। हालांकि, चावल को बार-बार धोने से पानी में घुलने वाले कुछ पोषक तत्वों की थोड़ी मात्रा कम हो सकती है। फोर्टिफाइड यानी अतिरिक्त विटामिन और मिनरल वाले चावल के मामले में यह बात खास तौर पर ध्यान रखने वाली है। इसलिए चावल को बहुत देर तक पानी में रखने या लगातार जोर से रगड़ने की जरूरत नहीं होती।


कटोरे में चावल धोने का आसान तरीका


चावल धोने के लिए सबसे आसान तरीका एक बड़े कटोरे का है। पहले चावल को कटोरे में डालें और इतना साफ पानी डालें कि सभी दाने पानी में डूब जाएं। अब हाथ से चावल को हल्के-हल्के घुमाएं। कुछ ही सेकंड में पानी सफेद या धुंधला दिखाई देने लगेगा। इस पानी को निकालकर दोबारा साफ पानी डालें और चावल को फिर हल्के हाथ से घुमाएं। जरूरत के अनुसार यह प्रक्रिया कुछ बार दोहराई जा सकती है। जब पानी पहले के मुकाबले काफी साफ दिखाई देने लगे, तो चावल पकाने के लिए तैयार है। ध्यान रखें कि पानी का बिल्कुल पारदर्शी होना जरूरी नहीं है। चावल की किस्म के हिसाब से उसमें हल्का धुंधलापन बना रह सकता है।


चावल को जोर से रगड़ने से बचें


चावल धोते समय दानों को हाथों के बीच जोर-जोर से रगड़ना सही तरीका नहीं है। इससे दाने टूट सकते हैं और जरूरत से ज्यादा स्टार्च भी निकल सकता है। हल्के हाथ से पानी में चावल को कुछ बार घुमाना पर्याप्त होता है। इस तरीके का एक फायदा यह भी है कि आप पानी का रंग देखकर अंदाजा लगा सकती हैं कि चावल की सतह से महीन पाउडर और दूसरे कण कितने कम हुए हैं।


छलनी की मदद से भी धो सकते हैं चावल


अगर कटोरे में चावल धोना सुविधाजनक नहीं लगता, तो बारीक जाली वाली छलनी का इस्तेमाल किया जा सकता है। चावल को छलनी में रखें और ऊपर से सामान्य या ठंडा पानी डालते रहें। पानी काफी साफ दिखाई देने तक चावल को बहते पानी से धोया जा सकता है। अगर पानी का साफ होना ठीक से समझ नहीं आ रहा हो, तो छलनी से निकलने वाले पानी को एक साफ पारदर्शी गिलास में इकट्ठा करके देखा जा सकता है। इससे पानी में मौजूद धुंधलेपन का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।


चावल धोना और भिगोना अलग-अलग चीजें हैं


चावल धोने और उसे भिगोने का उद्देश्य एक जैसा नहीं होता। धोने का काम मुख्य रूप से दानों की सतह से धूल, छोटे अवशेष और अतिरिक्त महीन स्टार्च हटाना है। वहीं, चावल भिगोने से कुछ किस्मों को पकने में कम समय लग सकता है और वे ज्यादा समान रूप से पक सकते हैं, इसलिए केवल धोने के लिए चावल को लंबे समय तक पानी में छोड़ने की जरूरत नहीं है। अगर किसी खास रेसिपी में चावल भिगोने की जरूरत हो, तभी उसे उस निर्देश के अनुसार भिगोना बेहतर है।


क्या चावल धोने से आर्सेनिक कम हो जाता है?


चावल और आर्सेनिक का मुद्दा इससे अलग है। सामान्य तरीके से चावल धोने से आर्सेनिक की मात्रा में बड़ी कमी नहीं आती। इसलिए केवल चावल धोने को आर्सेनिक से बचाव का पूरा तरीका नहीं माना जाना चाहिए। इस मामले में चावल पकाने की तकनीक भी महत्वपूर्ण होती है।


चावल धोते समय इन बातों का रखें ध्यान


चावल को सिर्फ एक बार पानी डालकर तुरंत निकाल देना पर्याप्त सफाई नहीं कर सकता। दूसरी ओर, उसे बहुत देर तक बहते पानी के नीचे रखने की भी जरूरत नहीं है। दानों को जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से पानी में घुमाना बेहतर तरीका है। सबसे आसान तरीका यही है कि चावल को कटोरे में लें, साफ पानी डालें, हाथ से धीरे-धीरे घुमाएं और धुंधला पानी निकाल दें। पानी काफी साफ दिखने तक जरूरत के अनुसार प्रक्रिया दोहराएं। इसके बाद चावल को अपनी रेसिपी के मुताबिक पकाया जा सकता है।