100 परसेंट : जिले के लिए उदाहरण बना सोनपुर और मढ़ौरा, 18 साल से अधिक उम्रवाले सभी लोगों ने करवाया वैक्सीनेशन. टूट गए अंधविश्वास के बंधन

100 परसेंट : जिले के लिए उदाहरण बना सोनपुर और मढ़ौरा, 18 साल से अधिक उम्रवाले सभी लोगों ने करवाया वैक्सीनेशन. टूट गए अंधविश्वास के बंधन

CHHAPRA :  जिले में कोविड टीकाकरण अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। जिले के सोनपुर और मढौरा अनुमंडल के शहरी क्षेत्र में +18 आयु वर्ग के 100 प्रतिशत आबादी टीकाकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने यह अहम उपलब्धि हासिल की है। डीएम ने बताया कि सोनपुर के शहरी क्षेत्र में 27089 (102.48 प्रतिशत) तथा मढौरा शहरी क्षेत्र में 21431 (102.23 प्रतिशत) लाभार्थियों का पहला डोज का टीकाकरण किया जा चुका है।

 जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों के कार्यों की प्रशंसा की है। उन्होने कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए टीकाकरण कराना बहुत जरूरी है। वैक्सीनेशन के कार्य में लगे सभी लोगों से कहा कि सामूहिक प्रयास के द्वारा ही यह संभव हुआ। डीएम ने सभी शहरवासियों, वैक्सीनेशन कार्य में संलग्न अधिकारी, कर्मी, स्वास्थ्यकर्मी की प्रशंसा की गई है। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही यह सफलता मिली है। इसने न केवल जिले के अन्य नगर निकायों को तथा पंचायत के लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया है बल्कि महाअभियान को भी गति देने का काम किया है।

सामूहिक सहभागिता से सफल होगा टीकाकरण अभियान

जिलाधिकारी डॉ. नीलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि कोरोना से बचाव का हम सभी के पास टीकाकरण एक बहुत बड़ा हथियार है। हम सभी को आगे आकर स्वयं का और अपने परिवार के साथ-साथ अपने आस पास के लोगों को भी टीकाकरण कराना होगा ताकि सभी 18 प्लस के व्यक्ति टीकाकरण से आच्छादित हो। जिलाधिकारी डॉ नीलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि कोरोना के दूसरे लहर में सबसे अधिक शहरी क्षेत्र के लोग संक्रमित हुए थे, इसलिए सहरी क्षेत्र में सत प्रतिशत टीकाकरण किया जाना अति आवश्यक है।  प्राथमिकता के आधार पर शहरी क्षेत्र में टीकाकरण किया जा रहा है।

जन-जागरूकता से कोरोना पर विजयी संभव 

कोरोना से बचाव के लिए हर व्यक्ति स्वयं को अपनी सुरक्षा कवच बनाएं।  इसके लिए हर नागरिक को सजग और जागरूक रहना होगा। जनजागरूकता से ही हम कोरोना पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। इसमें युवाओं की बहुत बड़ी भूमिका हो सकती है।

भ्रांतियों को दरकिनार कर टीकाकरण अभियान में जतायी सहभागिता

सिविल सर्जन डॉ. जेपी सुकुमार ने कहा कि शुरूआती दौर में कोविड टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में तरह तरह की भ्रांतिया थी। लोग कहते थे कि वैक्सीन लेने से मौत हो जाती है, बच्चा नहीं होता है और कई तरह भ्रांतियां लोगों के मन था। लेकिन स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटे और लोगों को लगातार जागरूक करते रहें  । लोगों  को यह जानकारी दी कि वैक्सीन से किसी की मौत नहीं होती है। वैक्सीन सभी के लिए सुरक्षित और प्रभावी है। हम सभी ने वैक्सीन ली है। कोरोना संक्रमण से बचाव में वैक्सीन हीं मजबूत हथियार है। जागरूकता का प्रभाव लोगों पर पड़ा और आज टीकाकरण को लेकर लोगों की  सोच में काफी बदलाव आया है।


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