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1 जुलाई से लागू होंगे 3 नए आपराधिक कानून, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को स्थगित करने की मांग की

1 जुलाई से लागू होंगे 3 नए आपराधिक कानून, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को स्थगित करने की मांग की

दिल्ली- तीनों नए क्रिमिनट एक्स भारतीय न्याय संहिता , भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने के मुद्दे पर सियासत गरमा गई है. 20 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि तीन आपराधिक कानूनों के स्थानों पर लाए गए विधेयक मानव केंद्रित न्याय प्रणाली सुनिश्चित करेंगे तथा अब लोगों को ‘तारीख पे तारीख’ नहीं मिलेगी. अब लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों के गठबंधन में शामिल पार्टियां इस कानून का विरोध कर रही हैं. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने  की कि 1 जुलाई से लागू होने वाले तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को स्थगित किया जाए, उन्होंने कहा कि इन विधेयकों को संसद में “बुलडोजर” से पारित किया गया. एक्स पर एक पोस्ट में, रमेश ने कहा कि विधेयकों के क्रियान्वयन को स्थगित किया जाना चाहिए ताकि गृह मामलों पर पुनर्गठित स्थायी समिति द्वारा गहन समीक्षा और पुनः जांच की जा सके क्योंकि इन्हें ऐसे समय में पारित किया गया था जब 146 सांसदों को निलंबित किया गया था.



जयराम रमेश  ने कहा कि “25 दिसंबर 2023 को, भारत के राष्ट्रपति ने भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 को अपनी स्वीकृति दी थी. तीन दूरगामी विधेयकों को उचित बहस और चर्चा के बिना संसद में बुलडोजर से पारित किया गया था, और ऐसे समय में जब 146 सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित किया गया था.



उन्होंने कहा, “इससे पहले गृह मामलों की स्थायी समिति ने देश भर के हितधारकों के साथ विस्तृत बातचीत किए बिना और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों के लिखित और बहुत विस्तृत असहमति नोटों को पूरी तरह से नजरअंदाज किए बिना विधेयकों को पारित कर दिया था, जो स्थायी समिति के सदस्य थे.” रमेश ने कहा कि तीनों नए कानून 1 जुलाई, 2024 से लागू होने हैं और कांग्रेस का दृढ़ मत है कि पुनर्गठित गृह मामलों की स्थायी समिति द्वारा कानूनों की गहन समीक्षा और पुनःपरीक्षण करने के लिए तिथि को स्थगित किया जाना चाहिए.



कांग्रेस के अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.इसे लेकर सीएम ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। ममता पीएम मोदी को पत्र लिखकर तीन आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन को टालने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि ये तीनों विधेयक लोकसभा में ऐसे समय में पारित हुए, जब 146 सांसद सदन से निलंबित थे. ममता ने कहा कि आपकी पिछली सरकार ने इन तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को एकतरफा और बिना किसी बहस के पारित कर दिया था. 


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