BIHAR NEWS : 478 राजस्व अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र, 3 से 6 महीने तक हल्का कर्मचारी के तौर पर करेंगे काम

BIHAR NEWS : 478 राजस्व अधिकारियों को मिला नियुक्ति पत्र, 3 से 6 महीने तक हल्का कर्मचारी के तौर पर करेंगे काम

PATNA : नवनियुक्त राजस्व अधिकारियों को पहले हल्का कर्मचारी के रूप में काम करना होगा साथ ही अमानत का काम भी सीखना होगा। हरेक राजस्व अधिकारी को किसी एक हल्के के राजस्व कर्मचारी के तौर पर 3 से 6 महीना तक काम करना होगा। इस दौरान उन्हें दाखिल-खारिज, बंटवारा, एलपीसी, लगान वसूली आदि का काम सीखना होगा। साथ ही उन्हें अमीन से मापी का काम सीखना है। यह काम उनके व्यवहारिक प्रशिक्षण का हिस्सा होगा। इसके बाद ही उनकी तैनाती राजस्व अधिकारी के रूप में होगी। यह बात आज राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री राम सूरत कुमार ने राजस्व अधिकारियों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आईएएस अधिकारियों को शुरूआती दौर मेें बीडीओ/सीओ के रूप में काम कराया जाता है उसी तरह राजस्व अधिकारी को सबसे निचले पद कर्मचारी/अमीन के रूप में काम करने की संकल्पना तैयार की गई है। 


राजस्व मंत्री ने कहा कि वो राजस्व अधिकारी का अधिकार क्षेत्र काफी बड़ा करने जा रहे हैं। अंचल अधिकारी के साथ-साथ उन्हें भी दाखिल-खारिज का अधिकार देने पर सरकार विचार कर रही है। उन्हें जाति, आवास एवं आय प्रमाण पत्र निर्गत करने का अधिकार देने पर पहले ही निर्णय लिया जा चुका है। यह काम वो खुद के डोंगल से करेंगे। इसके लिए सभी राजस्व अधिकारियों के लिए डोंगल बनवाया जाएगा। साथ ही सभी राजस्व अधिकारी को गाड़ी देने पर भी निर्णय हो चुका है। इसके लिए गाड़ी की खरीद नहीं की जाएगी बल्कि निजी गाड़ी को भाड़े पर लेकर उसका मासिक आधार पर भुगतान किया जाएगा। सीओ के पास काफी काम है इसलिए सीओ के कई कामों को राजस्व अधिकारी को दे दिया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने यह भी कहा कि जल्द ही इस बैच के राजस्व अधिकारियों को अंचल अधिकारी में प्रोन्नत भी कर दिया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने कहा कि 16 नवंबर को ही पद पर उनका एक साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। पहले एक साल के कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि अभी तक हम आधे-अधूरे हथियार के साथ लड़ाई लड़ रहे थे। अब हमें कर्मी मिलने शुरू हुए हैं, तो हमारा सफर भी आसान होने लगा है। 566 राजस्व अधिकारियों के साथ ही 1764 नियमित अमीन विभाग को प्राप्त हो चुके हैं और इस माह के अंत तक 4400 राजस्व कर्मचारी भी विभाग को मिल जाएंगे। इसके साथ ही काम करने की हमारी क्षमता बढ़ जाएगी। राजस्व अधिकारियों का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 नवंबर से शुरू होकर अगले एक माह तक चलेगा। इसके बाद उनकी पोस्टिंग कर दी जाएगी। राजस्व अधिकारियों की पोस्टिंग अंचल, भू-अर्जन, भूमि सर्वेक्षण एवं चकबंदी सभी जगह की जाएगी। एक माह का प्रशिक्षण पटना, गया और सारण के सोनपुर में आयोजित किया गया है। इसके लिए पाठ्यक्रम निश्चित कर प्रशिक्षकों का पैनल तैयार कर लिया गया है। सभी राजस्व अधिकारियों को तीन वर्गों में बांटकर उनका प्रशिक्षण दिए जाने की योजना है। विभाग का मकसद है कि जब ये अधिकारी राजस्व का काम शुरू करें तो उन्हें राजस्व के नियम/अधिनियमों की पूरी जानकारी रहे।  

इस मौके पर बोलते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि सभी अधिकारी राजस्व परिवार के सदस्य हैं। उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि उनकी पहुंच मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव तक है इसलिए यह आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्व अधिकारी के तौर पर अपनी नियुक्ति पर आप गर्व कर सकते हैं। क्योंकि आप जो काम करेंगे उसे सरकार आउटसोर्स करके नहीं करा सकता है। भू राजस्व, राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस काम में आपका रोल, रेलिवेंस एवं प्रतिष्ठा किसी भी पैकेज से कम नहीं है। यह बात उन्होंने कई राजस्व अधिकारियों को निजी क्षेत्र के अच्छे पद एवं पैकेज को छोड़कर यहां ज्वाइन करने के मुद्दे पर कही। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारी को किड ऑफ़ द डिपार्टमेंट कहा। किड यानि के से नाॅलेज, आई से इमेज एवं डी से डिलीवरी। नाॅलेज नहीं होगा तो दलालों एवं बिचैलियों पर निर्भर रहना होगा, कोई भी बेवकूफ बना देगा। आपके व्यवहार एवं आपके काम से आपकी इमेज बनेगी। साथ ही नाॅलेज को डिलीवरी के आधार पर जज किया जाएगा। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि नए पदाधिकारियों में सिंसियरिटी एवं इंटीग्रिटी का अभाव है। इसी लिए प्रशिक्षण में इसका समावेश किया जा रहा है। आईएएस एकेडमी, मसूरी के कोर्स में भी इस हेतु बदलाव किया जा रहा है। उन्हें खुद आईएएस एकेडमी, मसूरी द्वारा 20 एवं 21 नवंबर को क्राॅस वर्ड पजल पर लेक्चर देने के लिए मसूरी बुलाया गया है। जहां उन्हें यह बताना है कि क्राॅस वर्ड पजल से कैसे कोई अभ्यर्थी अपनी क्षमता एवं चुनौतियों को स्वीकार करने की दक्षता बढ़ा सकता है।  

राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित एक दिवसीय उन्मुखीकरण-सह-नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 478 राजस्व अधिकारियों का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा नियुक्ति पत्र दिया गया। कुछ राजस्व अधिकारियों को विभागीय मंत्री द्वारा सभा कक्ष में मंच पर बुलाकर अपने हाथों से भी नियुक्ति पत्र दिया गया। संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा अनुशंसित यह सबसे बड़ी संख्या है जो बिहार सरकार के किसी विभाग के लिए अनुशंसित की गई है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 566 अभ्यर्थियों को बिहार राजस्व सेवा के लिए चयनित किया गया था। इसमें से 44 अभ्यर्थियों ने अपना डाॅक्यूमेंट वेरीफिकेशन नहीं कराया है, बाकि अभ्यर्थियों का कोई न कोई प्रमाण-पत्र वांछित है, जिसे उपलब्ध कराने के बाद उनको नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।  

इस मौके पर भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जय सिंह, निदेशक भू अर्जन सुशील कुमार, संयुक्त सचिव कंचन कपूर, संयुक्त सचिव आइपीएस चंद्रशेखर प्रसाद विद्यार्थी समेत सभी वरीय पदाधिकारी एवं विभाग के सभी अधिकारी मौजूद थे। 

विवेकानंद की रिपोर्ट 


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