67 लाख रुपए वाले इंजीनियर को सस्पेंड करने में सुशासन को लग गए तीन महीने,कहा था मुंह खोलूंगा तो बिहार में विस्फोट हो जाएगा

67 लाख रुपए वाले इंजीनियर को सस्पेंड करने में सुशासन को लग गए तीन महीने,कहा था मुंह खोलूंगा तो बिहार में विस्फोट हो जाएगा

PATNA : बिहार विधानसभा  के शीतकालीन सत्र के दौरान ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा  67 लाख अवैध नकदी मिलने के बाद भी  दरभंगा के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सह प्रभारी अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। अब इस हंगामे के बाद ग्रामीण कार्य विभाग ने हरकत में आते हुए प्रभारी अधीक्षण अभियंत को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है। इन पर भ्रष्ट तरीके से अवैध संपत्ति अर्जित करने संबंधी आरोप लगने के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है। विभाग के विशेष सचिव संजय दूबे की ओर से इस बाबत आदेश जारी किया गया है। ग्रामीण कार्य मंत्री जयंत राज ने कहा कि निलम्बन के बावजूद इन पर विभागीय कार्रवाई जारी रहेगी। 

सुशासनी सरकार की अब खुली नींद

 विधानसभा में भी इस मुद्दे पर काफी बवाल मचा जब भाजपा विधायक ने सवाल दागे और विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्री के जवाब से असहमति जारी करते हुए इसकी जांच सदन की कमेटि से कराने की घोषणा कर दी । तब सुशासनी सरकार की नींद खुली। विभाग के विशेष सचिव संजय दुबे ने अब आदेश जारी किया है की इनका निलंबन कर दिया गया है इसके बावजूद इन पर विभिन्न विभागीय कार्यवाही चलती रहेगी। गौरतलब है कि 67 लाख रुपए के साथ पकड़े जाने के बाद विभाग ने इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की थी। इंजीनियर को अपना पक्ष रखने के लिए विभाग ने पकड़े जाने के 2 महीने बाद यानी नवंबर में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था। लेकिन इस संबंध में इंजीनियर ने विभाग को सूचित नहीं किया था। अब जाकर जब भाजपा विधायक के द्वारा शीतकालीन सत्र में सवाल उठाया गया तो आनन-फानन में भ्रष्ट इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन इसका जवाब आज तक नहीं मिला जो भ्रष्ट इंजीनियर ने पुलिसिया पूछताछ के दौरान कहा था कि मैं मुंह खोलूंगा तो बिहार में विस्फोट हो जाएगा।

रकम मिलने के बाद भी विभाग में कर रहे थे काम

ग्रामीण विभाग की तरफ से बताया गया कि नकदी मिलने के बाद विभाग ने इंजीनियर के खिलाफ विभागीय संचालन कार्यवाही शुरू की थी। इसी क्रम में संचालन पदाधिकारी ने बताया कि आरोपी इंजीनियर को अपना पक्ष रखने के लिए नवम्बर में बुलाया गया पर वे उपस्थित नहीं हो सके। इस बाबत आरोपी इंजीनियर ने कोई सूचना भी नहीं दी। इंजीनियर के इस व्यवहार को विभाग ने पूर्णत: गैर जिम्मेदाराना व असहयोगात्मक माना। उनके इसी रवैये के आधार विभाग ने अगले आदेश तक निलंबित कर दिया है। 

पटना में हर दिन देनी होगी हाजिरी

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय पटना तय किया गया है। इसके तहत उन्हें हर दिन अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। निलंबन अवधि में अनिल कुमार को सरकारी सेवक नियमावली के तहत अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। 

भाजपा विधायक ने उठाया था मुद्दा

शीतकालीन सत्र में गत बुधवार को विधानसभा में भाजपा विधायक संजय सरावगी ने आरोपी इंजीनियर को लेकर सवाल उठाए थे। विधायक ने अल्पसूचित प्रश्न में जानना चाहा था कि ग्रामीण कार्य विभाग के दरभंगा के प्रभारी अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार के पास से 67 लाख नकदी बरामद हुई। करोड़ों की चल-अचल की बरामदगी के बाद भी थाने से जमानत मिल गई। तीन महीने बाद अब भी विभाग ने उस इंजीनियर को निलंबित नहीं किया और वह अपने विभाग में लगातार काम करते रहे।

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