शराब से बिहार से ज्यादा गुजरात में होती है मौत ... लेकिन ना तो पीएम ने इस्तीफा दिया और ना ही गृहमंत्री ने, नीतीश के बचाव में उतरे तेजस्वी

शराब से बिहार से ज्यादा गुजरात में होती है मौत ... लेकिन ना तो पीएम ने इस्तीफा दिया और ना ही गृहमंत्री ने, नीतीश के बचाव में उतरे तेजस्वी

पटना. जहरीली शराब कांड पर नीतीश सरकार पर भाजपा हमलावर है तो अब सरकार के बचाव में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव उतर आए हैं. तेजस्वी यादव ने गुरुवार को कहा कि शराबजनित हादसों में बिहार से ज्यादा मौतें तो भाजपा शासित गुजरात और मध्य प्रदेश में होता है. लेकिन उन राज्यों में हो रही मौतों को लेकर कभी भी भाजपा के नेता वहां में मुख्यमंत्री या गुजरात से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा नहीं मांगते हैं. वहीं बिहार में भाजपा राजनीति कर रही है.

छपरा शराबकांड में 35 से ज्यादा लोगों की मौत होने के बाद तेजस्वी ने मीडिया में आकर कहा कि बिहार की इस सरकार में शराब तस्करों के लिए कोई जगह नहीं है. डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा कि सदन में विपक्ष का रवैया ठीक नहीं है. वहीं शराब जनित मौतों को देखें तो पिछले 4 सालों में गुजरात में अधिक मौतें हुई लेकिन न तो पीएम ने इस्तीफा दिया और न ही गृहमंत्री ने. यहां तक कि बीजेपी मंत्री के भाई के यहां शराब मिली लेकिन उनको संरक्षण मिला हुआ है. 

तेजस्वी ने आंकड़ों के साथ बताया कि किस तरह से बिहार से ज्यादा शराब जनित मामलों में भाजपा शासित राज्यों में मौतें होती हैं. दरअसल, भारत में अवैध रूप से बनाई गई नकली या जहरीली शराब से हर साल हजारों लोगों की मौत होती है. इसी क्रम में इसी साल लोकसभा में 19 जुलाई 2022 को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद कुंवर दानिश अली ने अवैध और नकली शराब से हुई मौतों को लेकर सवाल पूछा था. जवाब केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने दिया था. राय के जवाब में कहा गया कि साल 2016 से 2022 के बीच, भारत में 6 हजार 172 लोगों की मौत अवैध और नकली शराब पीने से हुई है. 

सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2016 में 1054, 2017 में 1510, 2018 में 1365, 2019 में 1296 और 2020 में 947 लोगों की मौत हुई. इस दौरान, सबसे ज्यादा 1214 मौतें मध्य प्रदेश में हुईं, दूसरे नंबर पर कर्नाटक है, जहां 909 लोगों की मौत हुई वहीं तीसरे नंबर पर पंजाब है, जहां 725 लोगों की मौत हुई. पिछले पांच सालों में अवैध और नकली शराब पीने से हरियाणा में 476 लोगों की जान गई. वहीं शराबबंदी वाले गुजरात में इन पांच सालों में अवैध और नकली शराब से 50 लोगों की मौत हुई है जबकि बिहार में 21 लोगों की मौत हुई. 

अब इसी आंकड़े के हिसाब से बिहार की शराबबंदी को उचित बताते हुए तेजस्वी ने भाजपा को घेरा है. उन्होंने यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा का छपरा जाना राजनीति से प्रेरित है. भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है.


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