गंडक नदी में छोड़ा गया रोहतास से रेस्क्यू कर लाया गया घड़ियाल, वनकर्मियों ने ली राहत की साँस

गंडक नदी में छोड़ा गया रोहतास से रेस्क्यू कर लाया गया घड़ियाल, वनकर्मियों ने ली राहत की साँस

BETTIAH : रोहतास से रेस्क्यू कर लाये गए घड़ियाल को आज बगहा लाकर गंडक नदी में वनकर्मियों के द्वारा छोड़ा गया। वाल्मीकिनगर से निकलने वाली गंडक नदी घड़ियालो के लिए सेफ जोन बनती जा रही है। गंडक को घड़ियालो के लिए सबसे अच्छा अधिवास केंद्र माना जा रहा है। 


माना जाता है की गंडक नदी भारत में घड़ियालो के लिए दूसरा अधिवास केंद्र है। फिलहाल गंडक नदी में 500 के करीब में घड़ियाल हैं। इसे देखते हुए घड़ीयाल के लिए इसे अच्छे वातावरण के रूप में देखा जा रहा है। यही कारण है कि रोहतास से पकड़े गए भारी-भरकम घड़ियाल को वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से होकर निकलने वाली गंडक नदी में छोड़ा गया। 

इसके पहले बेतिया डिवीजन से पदाधिकारियों के देखरेख में घड़ियाल का स्वास्थ्य जांच कराया गया। जिसके बाद धनहा स्थित गौतम बुद्ध सेतु पुल के पास घड़ियाल को छोड़ दिया गया है। अधिकारियों ने बताया की पकडे गए घडियाल का वजन डेढ़ क्विंटल के करीब था और लम्बाई करीब 14 फीट थी। 

बता दें कि डेहरी इलाके के सोन नहर में करीब दस दिनों पहले लोगों ने घड़ियाल को देखा था। इसके बाद से ही वन विभाग की टीम उसे तलाश रही थी। आखिरकार 10 दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने घड़ियाल को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। जिसे शनिवार को गंडक नदी में सुरक्षित तरीके से छोड़ दिया गया। इसके बाद वन विभाग के साथ-साथ आम लोगों ने भी राहत की सांस ली है। 

बेतिया से आशीष कुमार की रिपोर्ट 

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