डीजीपी की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही आरएस भट्टी ने सबसे पहले शराब पर की चर्चा, अब नशे के तस्करों की खैर नहीं

डीजीपी की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही आरएस भट्टी ने सबसे पहले शराब पर की चर्चा, अब नशे के तस्करों की खैर नहीं

PATNA : बिहार के नए डीजीपी आएस भट्टी ने सोमवार देर शाम अपना कार्यभार संभाल लिया। रात करीब आठ बजे वह पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन पहुंचे। यहां आईजी (मुख्यालय) विनय कुमार, सिटी एसपी (सेंट्रल) समेत अन्य अधिकारियों ने स्वागत किया। इसके बाद बाद वे मुख्यालय के दूसरे तल पर मौजूद डीजीपी ऑफिस पहुंचे। यहां पहले से मौजूद तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल, एडीजी (मुख्यालय) जितेंद्र सिंह गंगवार समेत अन्य सभी अधिकारियों ने गुलदस्ता देकर स्वागत किया। तमाम औपचारिकताओं को पूरी करने के बाद रात साढ़े आठ बजे के बाद आरएस भट्टी ने तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल से पदभार ग्रहण किया।

आते ही शराबबंदी पर की चर्चा

सूत्र बताते हैं कि पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने प्रदेश की अपराधों के साथ जहरीली शराबकांड समेत तमाम प्रमुख आपराधिक घटनाओं के साथ ही मुख्य अपराधियों के बारे में जानकारी ली। डीजीपी आते ही कार्रवाई के एक्शन में दिखे। सूत्र बताते हैं कि सभी पहलुओं पर गहन समीक्षा करने के बाद जल्द सभी पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक करके अहम निर्देश जारी करेंगे

तत्कालीन डीजीपी को दी गयी विदाई

तत्कालीन डीजीपी एसके सिंघल का विदाई समारोह सोमवार को बीएमपी-5 स्थित मिथिलेश स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस दौरान उन्होंने परेड की सलामी ली। डीजी (बीसैप) एके अंबेडकर ने स्वागत भाषण दिया। एडीजी (मुख्यालय) ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम का संचालन डीआईजी (विशेष कार्य बल) किम ने किया। इस मौके पर डीजी (गृह) शोभा अहोतकर, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के प्रबंध निदेशक विनय कुमार, एडीजी (सीआईडी) जितेंद्र कुमार, एडीजी (एसटीएफ) सुशील खोपड़े समेत अन्य सभी अधिकारी मौजूद थे।

एसके सिंघल ने सीएम की तारीफ

वहीं, बता दें कि पूर्व डीजीपी संजीव कुमार सिंघल सेवानिवृत से पहले मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि विगत दो वर्षों से ज्यादा समय के लिए मैं डीजीपी रहा. अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं. सारे काम मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन के बिना संभव नहीं था. पुलिस को पीपल फ्रेंडली बनाने में हम सक्षम हुए. विगत दो वर्षों में हमने 26 हजार 700 नियुक्तियां की. बिहार पुलिस में 24.29 % महिला पदाधिकारी और कर्मी हैं. एएसआई से लेकर डीएसपी तक कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं. कई पुलिस लाइन को जमीन उपलब्ध कराई गई. पुलिस अच्छे से काम करेगी, तब ही लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी

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