पटना में स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम पहुंचे अमेरिकी इतिहासकार प्रो. बिलियम आर पिंच, स्वामी जी की जीवनी और शोध पर व्याख्यान कार्यक्रम में हुए शामिल

पटना में स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम पहुंचे अमेरिकी इतिहासकार प्रो. बिलियम आर पिंच, स्वामी जी की जीवनी और शोध पर व्याख्यान कार्यक्रम में हुए शामिल

पटना. बिहटा के राघोपुर स्थित स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम में स्वामी जी की जीवनी और शोध पर आयोजित अमेरिकन दृष्टिकोण व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में अमेरिकी इतिहासकार प्रोफ़ेसर बिलियम विजय आर पिंच पहुंचे। जहां पर सबसे पहले प्रोफेसर बिलियम विजय आर पिंच स्वामी जी के समाधि स्थल पर पहुंचकर पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया। साथ ही स्वामी जी के आश्रम में बने नए प्रवेश द्वार का फीता काटकर उद्घाटन किया। मौके पर स्वामी सहजानंद सरस्वती आश्रम के सचिव डॉ. सत्यजीत सिंह भी मौजूद थे, जिन्होंने प्रोफ़ेसर बिलियम विजय आर पिंच का स्वागत किया।

वहीं आश्रम के सचिव डॉ. सत्यजीत कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी जी सभी धर्मों से ऊपर थे और पूरा जीवनकाल सन्यासी के तौर पर जीने का काम किया और हमेशा से किसान मजदूरों का हक के लिए आंदोलन करते रहे हैं। स्वामी जी के बारे में अमेरिकन इतिहासकार ने शोध किया है। इसको लेकर आज एक बार फिर उनके कर्मभूमि आश्रम में अमेरिकी इतिहासकार प्रोफेसर बिलियम विजय आर पिंच पहुंचे हैं, जो स्वामी जी की जीवनी और सोच को लेकर जानकारी लेंगे और अमेरिका की नजर में स्वामी जी के बारे में क्या लिखा गया है, उसकी जानकारी लोगों को देंगे।

वहीं इस मौके पर अमेरिका स्थित विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रोफेसर बिलियम विजय आर पिंच ने कहा कि स्वामी जी एक किसान आंदोलन के जननायक माने जाते हैं और वह हमेशा से किसानों मजदूरों के लिए आंदोलन किया है, जो कुछ ले जाना है, उनके बारे में वह काफी अच्छा है। उनका आश्रम में पहली बार मैं पहुंचा हूं और काफी अच्छा लग रहा है। स्वामी जी मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले थे, लेकिन उनका कर्मभूमि बिहटा स्थित आश्रम रहा है। स्वामी जी शुरू से ही सन्यासी के तौर पर रहे हैं और उनका जीवन भी सन्यासी जैसा रहा है। यहां पर आकर उनके बारे में और जानने का मौका मिला।

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