16 साल बाद गिरफ्त में आया हत्या, लूट व रंगदारी के 16 मामलों का आरोपी, पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम

16 साल बाद गिरफ्त में आया हत्या, लूट व रंगदारी के 16 मामलों का आरोपी, पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम

PATNA : राजधानी पटना के शहर के कदमकुआं, पीरबहोर व फुलवारीशरीफ थाने में हत्या, लूट व रंगदारी के 16 मामले में आरोपी बनाए गए कुख्यात अपराधी रवि गोप को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया गया कि रवि गोप की पिछले 16 साल से तलाश थी। यहां तक कि उसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ ने 50 हजार का इनाम भी घोषित किया हुआ था। 


नागपुर से हुई गिरफ्तारी 

रवि गोप की गिरफ्तारी नागपुर के सोनेगांव स्थित पवनपुरी इलाके से  की गई है। बताया गया कि वह वर्ष 2006 में जमानत पर छूटा था, जिसके बाद उसने कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। लेकिन, वह पकड़ा नहीं गया और राजेंद्र नगर, मछुआ टोली, अशोक राजपथ स्थित दुकानदारों व कोचिंग संचालकों से प्रतिमाह रंगदारी वसूलता रहा। वर्ष 2016 में उस पर सरकार ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर इसे पटना लाया गया है।

नागपुर में नाम बदलकर कर रहा था स्क्रैप का धंधा

जब पटना पुलिस ने खोजना शुरू किया, तो उसने नागपुर में नया ठिकाना बनाया और पहले केबल के धंधे में हाथ डाला। उसमें अच्छी कमाई के बाद स्क्रैप का धंधा शुरू किया और वहीं की लड़की से शादी कर ली। साथ ही अपना नाम बदल कर आलोक कर लिया और उससे संबंधित दस्तावेज भी बना लिया। उसने नागपुर के सोनेगांव में तीन कट्ठे जमीन पर आलीशान मकान बनाया और दो लक्जरी वाहन भी खरीद लिये।

इस तरह आरोपी तक पहुंची पुलिस

रवि गोप गिरोह के एक सदस्य से लगातार बात करता था़ पुलिस को उस सदस्य से रवि गोप के बारे में पूरी जानकारी हो गयी और फिर एसटीएफ के कमांडो पूरी तैयारी के साथ वहां पहुंचे। इसके बाद उसे फोन कर बताया गया कि वे लोग काफी स्क्रैप बेचना चाहते हैं. रवि गोप ने घर में ही ऑफिस बना रखा था। कमांडो सादे वेश में पहुंचे और उसे पकड़ लिया. उसने अपने धंधे को मुंबई और गोवा में भी फैला रखा था। वहां भी एसटीएफ ने दबीश की थी।


भाजपा नेता समेत छह की हत्या 

रवि गोप का घर राजेंद्र नगर रोड नंबर एक में है. गर्दनीबाग में भी एक मकान है. वह पटना विवि में नेतागिरी करता था। इस दौरान एक पूर्व एमएलसी के संपर्क में आया। बाद में नेतागिरी छोड़ दी और अपराध की दुनिया में आया। इसने एक दिसंबर, 1999 को कदमकुआं में वर्चस्व को लेकर एक को गोली मार दी थी। इसके बाद इसने कई घटनाओं को अंजाम दिया।

उसके बाद उसने गिरोह तैयार कर लिया और राजेंद्र नगर, नाला रोड, मछुआ टोली व अशोक राजपथ के व्यवसायियों से रंगदारी वसूलना शुरू कर दिया। इसने भाजपा नेता दीनानाथ क्रांति, संग्राम सिंह, अतुल पांडेय, अशोक गुप्ता आदि की हत्या कर दी थी. इस पर हत्या के छह, हत्या के प्रयास के आठ और आर्म्स एक्ट के आठ केस पीरबहोर, कदमकुआं, फुलवारी व अन्य थानों में दर्ज हैं।

हत्या कर लूटे थे 26 लाख रुपए

रवि गोप ने 2014 में कदमकुआं में राज मिल्क के 26 लाख रुपये लूट लिये थे और ड्राइवर बिहारी पासवान की हत्या कर दी थी। बिहारी वैन से रुपये को लेकर गांधी मैदान स्थित एसबीआई में जमा कराने के लिए जा रहा था। इसमें रवि गोप, जफर आलम, राजकुमार, ललन कुमार, श्रवण कहार, नाटू आदि को आरोपित बनाया गया था. सभी पकड़ेगये थे, लेकिन रवि गोप फरार था। एसटीएफ ने इसी मामले में ही उसे पकड़ा है। बाकी के केस में इसे रिमांड किया जायेगा।

इंजीनियर की कर दी थी हत्या

रवि गोप गिरोह के गुड्डु शर्मा ने रिलायंस के इंजीनियर से 10 लाख की रंगदारी मांगी थी और नहीं देने पर हत्या कर दी थी। पुलिस ने गुड्डु शर्मा को दिल्ली में मुठभेड़ में मार गिराया था। गिरोह में शामिल गुड्डु मुनीर की दिल्ली में हत्या हो गयी थी. गिरोह में सक्रिय भूमिका निभाने वाले श्रवण कहार व अजय यादव जेल में हैं।



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