आशीर्वाद इंजीकॉन की धोखाधड़ीः बिल्डर अजय सिंह ने पटना के 500 ग्राहकों को दिया धोखा! न फ्लैट दिया न करोड़ों रू लौटाये उल्टे दर्ज कराया केस

आशीर्वाद इंजीकॉन की धोखाधड़ीः बिल्डर अजय सिंह ने पटना के 500 ग्राहकों को दिया धोखा! न फ्लैट दिया न करोड़ों रू लौटाये उल्टे दर्ज कराया केस

PATNA: राजधानी पटना में आशीर्वाद इंजीकॉन कंपनी ने सात साल पहले पांच सौ से अधिक ग्राहकों से फ्लैट के नाम पर पैसा लिया। यह राशि 100 करोड़ तक हो सकती है। ग्राहक अपनी कमाई का पैसा बिल्डर को देकर इस आस में थे कि उन्हें बिहटा के प्रोजेक्ट आईओबी ग्लैक्सी में फ्लैट मिलेगा। सात साल बाद भी ग्राहकों को न फ्लैट मिला और न पैसा ही वापस हुआ। जब 25-30 ग्राहक आशीर्वाद इंजीकॉन के निदेशक अजय सिंह से फ्लैट की मांग करने दफ्तर गए तो उल्टे बिल्डर ने बाउंसरों से मिलकर ग्राहकों को पिटवाया। इतना से भी मन नहीं भरा तो बिल्डर ने थाने में मारपीट का केस दर्ज करा दिया है। राजधानी की श्रीकृष्णापुरी पुलिस ने भी बिल्डर अजय सिंह के आवेदन पर बिना कुछ समझे आनन-फानन में केस भी दर्ज कर लिया. इधर ग्राहकों ने साफ कहा है कि पिटाई भी हमलोगों की ही, उल्टे केस भी हमलोगों पर ही। वैसे इन सब बातों से वे लोग डरने वाले नहीं हैं। वे सब बैंक कर्मी हैं .बिल्डर को एग्रीमेंट के आधार पर फ्लैट देना होगा। 

बिल्डर ने बैंक कर्मियों को दिया धोखा

आशीर्वाद इंजीकॉन के बिल्डर अजय सिंह ने श्रीकृष्णापुरी थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस को दिये आवेदन में बिल्डर ने ग्राहक विनोद सिंह व अनुग्रह नारायण सिंह समेत 25-30 अज्ञात के खिलाफ मारपीट समेत कई अन्य आरोप लगाये हैं. पुलिस ने इस मामले में आनन-फानन में केस भी दर्ज कर लिया। अमूमन इस तरह के मामलों में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रखती है। राजधानी के श्रीकृष्णापुरी थाने की पुलिस ने बिना पूरे को मामले को समझे बिल्डर के आवेदन पर ग्राहकों पर ही केस दर्ज कर दिया। बैंक कर्मियों से 100 करोड की राशि पचाने वाले बिल्डर ने ग्राहक विनोद सिंह पर भी केस दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि हमलोग इंडियन ओवरसीज बैंक के कर्मी हैं। इस बैंक से जुड़े 250 लोगों ने 2014 में ही बिल्डर अजय कुमार को बिहटा के प्रोजेक्ट आईओबी ग्लैक्सी के लिए पैसा दिया था। प्रति ग्राहक 5.50 लाख रू दिये गये थे। आईओबी के अलावे इलाहाबाद बैंक के 125 लोगों ने 8-9 लाख के हिसाब के बिल्डर को पैसा दिया था। वहीं पीएनबी के तीन सौ लोग, पावर ग्रिड के 100 लोगों ने 9 लाख की दर से बिल्डर को पैसे दिये थे। बिल्डर ने करीब पांच सौ फ्लैट तैयार कर दूसरे के हाथों बेंच दिया। जबकि हमलोगों ने जो राशि दी थी उसी राशि से बिल्डर ने जमीन खरीदी और उसी जमीन पर आईबी ग्लैक्सी प्रोजेक्ट बना है। हमारे बैंक से जुड़े ग्राहकों ने पटना के गोला रोड में बैंक अकाउंट में करीब 16 करोड़ की राशि जमा की थी। उसी पैसे से बिल्डर अजय सिंह ने जमीन की खरीद की थी।हमलोगों के पास पूरा एग्रीमेंट है, मनी रसीद है। लेकिन हमलोगों को आज तक फ्लैट नहीं दिया गया। 


पुलिस सीसीटीवी खंगाले, बिल्डर की हकीकत सामने आ जायेगी

पीड़ित ग्राहक विनोद सिंह ने कहा कि हमलोग अपने फ्लैट की मांग करने बिल्डर अजय सिंह के पास गये थे। बिल्डर ने बाउंसर बुलाकर हमलोगों के साथ मारपीट किया है। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्णापुरी थाने की पुलिस भी संदेह के घेरे में है। बिल्डर के दफ्तर में सीसीटीवी लगा हुआ है। अगर हमलोग लाठी-डंडा और लोहे की रॉड लेकर उसके दफ्तर गये थे तो पुलिस पहले सीसीटीवी का वीडियो जांच कर ले। सब कुछ साफ हो जायेगा। उन्होंने बताया कि बिल्डर पूरी तैयारी से था और वहां बाउंसर तैनात कर रखा था। हमलोगों के साथ मारपीट की गई है। हमलोगों ने इस मामले की जानकारी पटना एसएसपी को दी है। एसएसपी के यहां से आवेदन स्थानीय थाने को गया है। हमलोगों ने आठ साल पहले पैसा दिया है। आशीर्वाद इंजीकॉन ने सैकड़ों ग्राहकों के साथ धोखा किया है। ऐसे में हमलोगों की लड़ाई जारी रहेगी। 

इडियन ओवरसीज बैंक के कर्मी अमरेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि बिल्डर ने हमलोगों को बेवकूफ बनाया। हम सभी बैंक कर्मियों ने 2014 में ही पैसे दिए। हमारे पैसे से ही बिल्डर ने बिहटा में जमीन खरीदी। बिल्डर ने हमलोगों को बताया कि बिहटा में 3 लाख में एक कट्टा जमीन हो जाता है। एक कट्टा में तीन-तीन फ्लैट बनायेंगे। एक फ्लैट आपलोगों को देंगे और 2 फ्लैट बेचेंगे। बिल्डर का नक्शा 2016 में एप्रुव हुआ लेकिन अब वो फ्लैट हमलोगों को नहीं देकर दूसरे हाथ अधिक कीमत पर बेंच रहा है। 2014 से हमलोगों का करोड़ों रू बिल्डर रखे हुए है। हमलोग जब पैसा मांगने बिल्डर के बोरिंग रोड स्थित दफ्तर गए वो मारपीट करने लगा। हमारा मोबाइल भी तोड़ दिया। साथ ही कृष्णापुरी थाने जाने से भी रोक दिया। पीड़ित ग्राहकों ने कहा कि बिल्डर ने हम जैसे 500 लोगों से करोड़ों रू की ठगी की।  

वहीं, श्रीकृष्णानगर थाने की पुलिस का कहना है कि ग्राहकों की तरफ से थाने में कोई आवेदन नहीं दिया गया। बिल्डर की तरफ से आवेदन आया था। उस आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस तमाम बिंदूओं पर जांच कर रही है।  


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