महिला का शारीरिक और मानसिक शोषण के साथ की गयी धर्मान्तरण की कोशिश, पीड़िता की गुहार के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

महिला का शारीरिक और मानसिक शोषण के साथ की गयी धर्मान्तरण की कोशिश, पीड़िता की गुहार के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई

KATIHAR : जिले में एक महिला को अपने भ्रमजाल में फंसा कर उसके साथ शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण करने के साथ-साथ जबरन उसके धर्मांतरण करवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता पिछले कई दिनों से अपने फरियाद लेकर पुलिस से गुहार लगा रही है। लेकिन अब तक उसको इंसाफ दिलाने की कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इस बीच पीड़ित महिला ने सांस्कृतिक संरक्षण परिषद के पास आवेदन देकर उससे इस लड़ाई में मदद की अपील किया है। मामला आजमनगर थाना क्षेत्र का हैं। पीड़िता टोला सेवक का काम करती हैं। जबकि पीड़िता के पति बाहर काम करते थे। इसी का फायदा उठाकर उनके पति के मित्र शाह आलम ने पहले उस महिला को भ्रम जाल में फंसा लिया। इसके बाद उसका आर्थिक और शारीरिक शोषण करने के साथ-साथ एक स्टैंप पेपर में उसका असली नाम बदल कर फातिमा करवा दिया। 

पीड़िता की माने तो आरोपी मोहम्मद शाह आलम के इस करतूत में सरकारी मदरसे में मौलवी का काम करनेवाले उसके जीजा ने  भरपूर मदद किया। महिला द्वारा विरोध करने पर उसे उसके मासूम बच्चे के सामने ही पीटा गया। उसे सड़क से उठाकर सुदूर इलाके में एक मकान में बंद करके रखा गया। उसके साथ जबरन अनैतिक कार्य के साथ-साथ धर्मांतरण का प्रयास किया गया। जबकि महिला बार बार रो-रो कर अपने धर्म मे ही बने रहने की गुजारिश करती रही। किसी तरह उन लोगों के चंगुल से भाग कर आई महिला कई बार पुलिस के वरीय अधिकारी से गुहार लगा चुकी हैं। लेकिन नतीजा अब तक सिफर है। फिलहाल आजमनगर थाना क्षेत्र के इस मामले पर पीड़िता ने सांस्कृतिक संरक्षण परिषद को आवेदन सौंपकर उनके इस लड़ाई में मदद पहुंचाने की गुहार लगाई है। पीडिता की माने तो आरोपी और उसका पूरा परिवार आजमनगर थाना क्षेत्र के शीतलमनी पंचायत का रहनेवाला हैं। पुलिस की दबिश नहीं होने के कारण उन लोगों को इस तरह के घटना को अंजाम देने के बावजूद कोई फर्क नहीं है। 

सांस्कृतिक संरक्षण परिषद के विनय भूषण ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कहा कि पुलिसवाले अक्सर ऐसे मामले को टालमटोल रवैया अपनाते हैं,जिस कारण से इस तरह के अपराध बढ़ते जा रहे हैं। अगर इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो इस बार संस्कृतिक संरक्षण परिषद और अन्य संगठन इस मुद्दे पर आर पार की लड़ाई लड़ेगी। उधर डिप्टी सीएम तार किशोर प्रसाद के गृह जिला के इस मुद्दे पर डिप्टी सीएम ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि निश्चित तौर पर इस इलाके से जुड़कर धर्मांतरण करवाने की कई मामला अक्सर चर्चा के विषय रहा है। सरकार ऐसे मामलों को लेकर गंभीर है। जहां तक इस मामले का सवाल है। इस पर निश्चित कार्रवाई किया जाएगा। बिहार के सीमांचल इलाको में बढ़ते "लव-जिहाद" जैसे घटना पर डिप्टी सीएम ने कहा कि किसी भी तरह से जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े कोशिश पर सरकार गंभीर है और किसी भी हाल में ऐसे तत्व को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।

कटिहार से श्याम की रिपोर्ट 

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