बड़े फैसले से पहले तैयार अयोध्या, CJI से मिले यूपी के डीपीजी और चीफ सेक्रेटरी

बड़े फैसले से पहले तैयार अयोध्या, CJI से मिले यूपी के डीपीजी और चीफ सेक्रेटरी

अयोध्या में रामजन्म भूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर देशभर की नजरें टिकी हैं। केस में फैसला किसी भी दिन आ सकता है। ऐसे में अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है, शहर की हवा भी तैयार हो रही है। इस बीचचीफ जस्टिस रंजन गोगोई से यूपी के डीजीपी और मुख्य सचिव ने मुलाकात कर प्रदेश की सुरक्षा और कानून एवं व्यवस्था की जानकारी ली।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी, डीजीपी ओमप्रकाश सिंह समेत कई वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात की। अयोध्या केस में फैसला आने से पहले प्रदेश की सुरक्षा तैयारियों के लिहाज से इस मुलाकात को अहम बताया जा रहा है। अयोध्या मामले की चीफ जस्टिस की अगुआई वाली 5 जजों की बेंच ने सुनवाई की थी।

अयोध्या जिले को चार जोन- रेड, येलो, ग्रीन और ब्लू में बांटा गया है। इनमें 48 सेक्टर बनाए गए हैं। विवादित परिसर, रेड जोन में स्थित है। पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा योजना इस तरह बनाई जा रही है कि एक आदेश पर पूरी अयोध्या को सील किया जा सके। प्रशासन ने फैसले का समय नजदीक आने पर, अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 100 कंपनियां मांगी हैं। इससे पहले दीपोत्सव पर यहां सुरक्षाबलों की 47 कंपनियां पहुंची थीं, जो अभी भी तैनात है।

अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार या किसी भी सम्प्रदाय के खिलाफ भड़काऊ कंटेंट के प्रसार पर नजर रखने के लिए जिले के 1600 स्थानों पर 16 हजार वॉलंटियर तैनात किए हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए 3000 लोगों को चिह्नित करके उनकी निगरानी की जा रही है।


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