बाप रे....लूट गए सैकड़ों ग्राहक! बिहटा में डेलकॉन होम ने 'प्लॉट' एग्रीमेंट कर करोड़ों रू ठगे, क्या ग्राहकों का लौटेगा पैसा या डूबेगा?

बाप रे....लूट गए सैकड़ों ग्राहक! बिहटा में डेलकॉन होम ने 'प्लॉट' एग्रीमेंट कर करोड़ों रू ठगे, क्या ग्राहकों का लौटेगा पैसा या डूबेगा?

PATNA: बिहटा इलाके में टाउनशिप बसा रहे डेलकॉन होम का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। सैकड़ों ग्राहकों से दो प्रोजेक्ट में करोड़ों की वसूली करने की बात सामने आ रही है। जिस प्रोजेक्ट का नक्शा पास नहीं था उस प्लॉट को बेच कर करोड़ों की वसूली कर ली। पटना के ग्राहक एक बार फिर से ठगे गये हैं। राजधानी पटना में ही अग्रणी होम ने बड़ी संख्या में ग्राहकों को चूना लगाया था। अब डेलकॉन होम ने बिहटा इलाके में टाउनशिप बसाने के नाम पर कई बीघे जमीन का एग्रीमेंट कर ग्राहकों से पैसे ठग लिये। जानकार बताते हैं कि ग्राहकों को रेरा निबंधन का फर्जी नंबर बताकर लाखों-करोड़ों की वसूली की है। डेलकॉन होम कंपनी ने  हाई-टेक टाउन और डेलकॉन सिटी फेज-3 में सैकड़ों ग्राहकों से प्लॉट का एग्रीमेंट कर सौ करोड़ की वसूली की है। अब जाकर डेलकॉन होम के मालिक की  पूरी पोल खुली है। रेरा ने 15 मार्च को डेलकॉन सिटी फेज-3 और  31 मार्च को हाईटेक-टाउन को निबंधन देने से इंकार कर दिया। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी। बड़ी संख्या में ग्राहक बिल्डर के जाल में फंस चुके हैं। हालांकि पटना के लोगों ने अग्रणी होम के कारनामों से कोई सीख नहीं ली।

सैकड़ों ग्राहकों से करोड़ों की वसूली  

जानकार बताते हैं कि डेलकॉन होम ने बजाप्ता जमीन की बिक्री के लिए बड़े स्तर पर सेटिंग की। जमीन बेचने के लिए प्लॉटिंग किया। यह सब सरकार के आदेश के विपरीत जाकर किया। उचित फोरम से नक्शा पास कराये बिना बिहटा इलाके में टाउनशिप बसाने लगा। समझा जा सकता है कि जिस टाउनशिप का नक्शा ही सही नहीं हो वहां पैसा फंसने की पूरी गुंजाईश है। बिल्डर ने पंचायत से नक्शा पास कराकर रेरा से निबंधन लेने का आवेदन कर दिया था। रेरा ने इसे गलत करार दे निबंधन आवेदन को खारिज कर दिया है। डेलकॉन होम के हाई-टेक टाउन और डेलकॉन सिटी फेज-3 का नक्शा गलत निकला। इस वजह से मामला फंस गया. अधिकांश जमीन का ग्राहकों से एग्रीमेंट हो चुका है। वही हाल मार्च में शुरू हुए डेलकॉन सिटी फेज-3 की है। इस प्रोजेक्ट में भी बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग करा ली है। अब रेरा से दोनों प्रोजेक्ट का निबंधन नहीं मिला लिहाजा निबंधन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। हाई-टेक टाउन और डेलकॉन सिटी फेज-3 में अगर ग्राहक प्लॉट की बुकिंग कराये होंगे उनके लिए आने वाले दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। 

हाईटेक टाउन के बाद डेलकॉन होम फेज-3 प्रोजेक्ट को नहीं मिला निबंधन 

डेलकॉन होम बिहटा इलाके में टाउनशिप बसा रही है। इस बिल्डर के हाई-टेक टाउन प्रोजेक्ट रेरा से निबंधित नहीं होने की जानकारी मिली। अब डेलकॉन सिटी फेज-3 प्रोजेक्ट को निबंधन नहीं मिला है। बिहटा इलाके के दतियाना थाना नंबर-63-65 में यह बिल्डर 5 मार्च 2020 को 24172.30 स्कॉयर मीटर के दायरे में प्रोजेक्ट पर काम शुरू दिया। रेरा में इस कंपनी ने जो आवेदन दिया था उसमें जिक्र है कि यह प्रोजेक्ट 5 मार्च 2022 से शुरू होकर 5 मार्च 2025 में पूर्ण होगा। यानी तीन सालों का समय था। लेकिन रेरा ने वैध तरीके से नक्शा पास नहीं होने की वजह से निबंधन आवेदन को खारिज कर दिया है। रेरा ने इसकी जानकारी डेलकॉन होम के पार्टनर नरेश महतो को दिया है।अब यह साफ हो गया कि बिना निबंधन ही डेलकॉन होम कंपनी प्लॉट की बुकिंग के लिए प्रचार-प्रसार कर रही है। बताया जाता है कि रेरा से निबंधन आवेदन खारिज होने की जानकारी जैसे ही ग्राहकों को लगी है उनमें बेचैनी छा गई है। ग्राहकों को अब पैसा डूबने का भय सताने लगा है। आखिर भय हो भी क्यों नहीं....। दानापुर,बिहटा इलाके में कई ऐसे बिल्डर हैं जो टाउनशिप बसाने के नाम पर ग्राहको को लाखों-करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। ग्राहकों की कमाई के पैसे से बिल्डर ऐश-मौज करते हैं। उन बातों को जान कर अब हाई-टेक टाउन के ग्राहक बेचैन हैं। 

ग्राहकों में बेचैनी होना स्वाभाविक, कई बिल्डर पैसे लेकर हो चुके हैं रफ्फू-चक्कर

पटना में कई ऐसे बिल्डर हैं जो बिना रेरा से निबंधन लिए प्लॉट-फ्लैट का धंधा कर रहे। वैसे बिल्डर ग्राहकों को झांसे में लेकर उके पैसे ठग लेते हैं। जब उन्हें अहसास होता है कि तब तक देर हो चुकी होती है। एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ों ऐसे उदाहरण हैं जहां ग्राहकों के पैसे से बिल्डर ऐश कर रहा। रेरा में हजारो ऐसे केस लंबित हैं। रेरा की तरफ से कई बिल्डरों पर कार्रवाई भी की गई है। अब बिहटा इलाके में बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहे डेलकॉन होम को भी रेरा ने निबंधन देने से मना कर दिया। रेरा ने हाई-टेक टाउन का नक्शा उचित फोरम से पास नहीं कराया गया था। इस आधार पर आवेदन को खारिज कर दिया गया है। रेरा ने 31 मार्च को ही निबंधन आवेदन को खारिज कर दिया है। बजाप्ता इसकी जानकारी भी डेलकॉन होम के पार्टनर नरेश महतो को दे दी गई है। रेरा ने इसकी जानकारी सार्वजनिक की है। आप रेरा के वेबसाइट पर जाकर इसकी जानकारी भी ले सकते हैं। पत्र सामने आने के बाद हाई-टेक टाउन प्रोजेक्ट में जिन लोगों ने भी प्लॉट की बुकिंग की है,उनमें बेचैनी छा गई है। खबर तो यह है कि कई ग्राहकों ने फोन कर बिल्डर से जानकारी मांगी है। वहीं कई ग्राहक को पटना स्थित दफ्तर भी पहुंच गये हैं। हालांकि बिल्डर अब अपनी कमी को छुपाने के लिए ग्राहकों को समझा रहा है,ताकि पैसे वापस न करना पड़े। एक ग्राहक ने पहचान छुपाने की शर्त पर बताया कि हमलोगों को तो बताया गया था कि सारा कागजात सही है। इसी आधार पर हमने एग्रीमेंट कराया था। लेकिन अब पता चला है कि रेरा ने तो निबंधन आवेदन ही खारिज कर दिया है। ऐसे में सोचने पर विवश होना पड़ रहा है। 

डेलकॉन होम ने हाई-टेक टाउन में बिना निंबधन की बुकिंग

बिहटा में डेलकॉन होम टाउनशिप बसाने के नाम पर वहां की जमीन पर बोर्ड लगा दिया,मार्किंग कर दी,सड़क बना दिया। इसके बाद मार्केटिंग शुरू कर दिया। प्रचार-प्रसार व प्रलोभन देकर कई ग्राहकों से पैसे भी ले लिये। अब समझ सकते हैं कि जिस प्रोजेक्ट का वैध नक्शा नहीं हो, रेरा से निबंधन नहीं हो तो फिर वो प्रोजेक्ट वैध कैसे हो सकता है? लेकिन डेलकॉन होम से ऐसा ही किया। बिहटा इलाके के लोगों को ठगने में बिल्डर ने कोई कसर नहीं छोड़ी। जानकारी के अनुसार, बिल्डर ने मोटी रकम की ठगी की है। अब जाकर रेरा का डंडा चला है। रेरा ने हाई-टेक टाउन प्रोेजेक्ट के नक्शा को गलत बताया है। बिना नक्शा पास कराये ही बिल्डर टाउनशिप बसा रहा था। बिल्डर बजाप्ता पटना में डाकबंगला और बेली रोड़ में दफ्तर खोल कर प्लॉक की बुकिंग कर रहा। बुकिंग को लेकर कंपनी की तरफ से बड़े-बड़े प्रलोभन दिये गये,ताकि ग्राहक फंस सके। अब जबकि रेरा ने निबंधन देने से इंकार कर दिया है तो ऐसे में जिन ग्राहकों ने प्लॉट की बुकिंग की है उनका पैसा डूब सकता है।  

रेरा ने 31 मार्च को ही आवेदन किया खारिज

RERA ने डेलकॉन होम कंपनी पर कार्रवाई की है। कंपनी के पार्टनर नरेश महतो को हाईटेक-टाउन का निबंधन आवेदन खारिज करने की जानकारी 31मार्च को ही भेज दी गई है। रेरा ने कहा है कि इस कंपनी के HI-Tech Town प्रोजेक्ट का निबंधन आवेदन को रद्द किया जाता है। इसके पीछे की वजह इस प्रोजेक्ट का नक्शा सही अथॉरिटी से पास करा कर नहीं जमा किया गया है। इस तरह से इस बिल्डर से बिना वैध कागजात के प्लॉट बिक्री का प्रचार-प्रसार व बिक्री करने लगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बिल्डर से करोड़ों की उगाही की है। 



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