एशिया कप 2018: पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जीत के बाद टीम इंडिया के लिए आयी बुरी ख़बर

एशिया कप 2018: पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जीत के बाद टीम इंडिया के लिए आयी बुरी ख़बर

न्यूज़ 4नेशन डेस्क : एशिया कप के लीग मुक़ाबलों में पाकिस्तान को धोबी पछाड़ देने वाली टीम इंडिया के लिए बुरी ख़बर है। बुधवार को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ खेले गये अहम मुक़ाबले में गेंदबाजी के दौरान चोटिल हुए ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या एशिया कप से बाहर हो गये हैं। इस हरफनमौला खिलाड़ी के बाहर होने से टीम इंडिया को तगड़ा झटका लगा है। फिलहाल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पांड्या के कवर को तौर पर तेज़ गेंदबाज दीपक चाहर को टीम में शामिल किया है। 

एक्यूट लोअर बैक इंजरी से पीड़ित हैं हार्दिक

बीसीसीआई के मुताबिक टीम इंडिया के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या एक्यूट लोअर बैक इंजरी से पीड़ित है। 19 सितंबर को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ गेंदबाजी करते हुए वे कमर में दर्द की वजह से छटपटाते हुए ग्राउंड पर ही गिर गये थे, जिसके बाद टीम फिजियो पैट्रिक फरहर्ट के निर्देशानुसार स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर लाया गया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की माने तो फिलहाल वे खड़े होने की स्थिति में हैं लेकिन वे गंभीर रूप से चोटिल हैं लिहाजा उनकी जगह पर दीपक चाहर को दुबई में टीम में शामिल होने का निर्देश दिया गया है।

खिलाड़ियों के चोटिल होने की बढ़ी समस्या

क्रिकेट विशेषज्ञों की माने तो यूएई की भीषण गर्मी की वजह से खिलाड़ियों में डिहाइड्रेशन की अधिक समस्या हो रही है। हार्दिक पांड्या भी इसी के शिकार हुए हैं। विदित है कि बीते कुछ महीनों से खिलाड़ियों में चोट की समस्या बढ़ती ही जा रही है। कंधे की चोट से हलकान विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा के बाद स्विंग के सुल्तान और तेज़ गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार भी बैक इंजरी की वजह से इंग्लैंड टूर से बाहर हो गये थे। हालांकि अब वे पूरी तरह से फिट हैं और एशिया कप में धमाल मचा रहे हैं।  

अधिक लोड की वजह से पांड्या हुए चोटिल!

फिलहाल टीम इंडिया में बतौर ऑलराउंडर शामिल हार्दिक पांड्या सभी फॉर्मेट में एकादश के चहेते बने हुए हैं। वे टी-20, वन-डे के साथ-साथ टेस्ट मैच में भी रेगुलर प्लेइंग 11 के हिस्सा रहे हैं। हार्दिक पांड्या दक्षिण अफ्रीकी टूर से ही सभी फॉर्मेट में लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं। आईपीएल में भी मुंबई इंडियंस के लिए सभी मैच खेले। इसके बाद इंग्लैंड टूर पर भी आखिरी यानी ओवल टेस्ट को छोड़कर सभी फॉर्मेट में वे टीम के नियमित खिलाड़ी रहे लिहाजा टीम मैनेजमेंट को उनपर ख़ास ध्यान देने की जरूरत है ताकि भविष्य में वे रेगुलर क्रिकेट की वजह से चोटिल न हो जाएं।   

साभार : प्रसून पाण्डेय, खेल पत्रकार  


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