बुरे फंसे अधीक्षण अभियंता : पहले 50 हजार घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, फिर घरों की तलाशी हुई तो 20 लाख नगद और करीब 35 लाख के जेवरात मिले

बुरे फंसे अधीक्षण अभियंता : पहले 50 हजार घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, फिर घरों की तलाशी हुई तो 20 लाख नगद और करीब 35 लाख के जेवरात मिले

पटना. विशेष निगरानी ब्योरो ने बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के अधीक्षण अभिंयता अरूण कुमार को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस क्रम में उनके घरों की तलाशी ली गयी तो बेउर जेल रोड स्थित आवास से लगभग 20 लाख नगद और करीब 35 लाख के जेवरात मिलने के प्रमाण मिले हैं। साथ ही इनके तीन मंजिले माकान में अभी भी कार्य चल रहा और अभियुक्त के नाम से सुगना मोड़ पर एक फ्लैट होने के भी प्रमाण मिले हैं। दोनों की कीमत लगभग एक करोड़ से उपर की बतायी जा रही है।

शिकायत कर्ता ने निगरानी ब्योरो में शिकायत की थी कि गया जेल परिसर में सीआरपीएफ के आवासन के लिए 300 सिपाही बैरक, कोत मैगजीन एवं प्राशासनिक भवन का निर्माण, जिसकी एकरारनामा की राशि 6 करोड़ 66 लाख, 39 हजार 734 है। इस कार्य निगम के अनुमोदित नक्शा एवं विभागीय पदाधिकारी के दिशा निर्देश अनुसार कार्य करने में मद एवं मात्रा की वृद्धि हो रही है, जिसकी स्वीकृति के लिए अरूण कुमार ने एक लाख रुपये रिश्वत मांगी है। संवेदक द्वारा पैसे नहीं रहने के अनुरोध करने पर अधीक्षण अभियंता ने कहा कि पचास हजार कर के दो बार में दे देना। 

इसकी शिकायत के बाद निगरानी ब्योरो ने धावा दल का गठन किया। धावा दल ने कार्यपाल अभियंता को उनके कार्यालय से 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में आगे की कानूनी कार्रवाई एवं उनके घरों की तलाशी ली जा रही है। प्राप्त सूचना के अनुसार अभी तक अभियुक्त के बेउर जेल रोज स्थित आवास से लगभग 20 लाख नगद और करीब 35 लाख के जेवरात मिलने के प्रमाण मिले हैं। तीन मंजिले माकान में अभी भी कार्य चल रहा और अभियुक्त के नाम से सुगना मोड़ पर एक फ्लैट होने के भी प्रमाण मिले हैं। दोनों की कीमत लगभग एक करोड़ से उपर की बतायी जा रही है। इनके चल-अचल संपत्ति एवं बैंक खाते की जांच अलग से की जा रही है।

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