खगौल के 1088 फ्लैट के निबंधन पर रोक, संचार नगर प्रोजेक्ट का नक्शा मुखिया से पास होने पर ट्रिब्यूनल ने सुनाया फैसला

खगौल के 1088 फ्लैट के निबंधन पर रोक, संचार नगर प्रोजेक्ट का नक्शा मुखिया से पास होने पर ट्रिब्यूनल ने सुनाया फैसला

PATNA : बिहार स्टेट इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल (रिएट) ने खगौल में स्थित 11 बिल्डिंग टावर में 1088 फ्लैट पर रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दी है। साथ ही संबंधित कार्यपालक एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव को कार्रवाई करने का आदेश दिया है। बता दें कि आदमपुरा में बन रहे 11 बहुमंजिला अपार्टमेंट के 1088 के नक्शा पास कराने में कई प्रकार की गड़बड़ियां सामने आई हैं। रेरा के आदेश के बाद से इसके आवंटियों में हड़कंप मच गया है। 

मुखिया से कराया नक्शा पास

इस अपार्टमेंट को बना रहे बिल्डर ने नक्शा पास कराने के लिए पहले स्थानीय मुखिया का सहारा लिया। जब रेरा ने इस पर आपत्ति जाहिर की, तो खगौल नगर परिषद के ईओ ने नक्शा को पास कर दिया। इसे गंभीर मामला मानते हुए बिल्डर की अपील को खारिज कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच के लिए नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव को आदेश दिया है। 

मामले में रेरा के अपील कोर्ट के अध्यक्ष सह न्यायाधीश अरुण कुमार, न्यायिक सदस्य अरिवंद महादेव और प्रशासनिक सदस्य सुनिल कुमार सिंह ने 19 पेज में महत्वपूर्ण फैसला दिया है। 

बता दें कि आरआर बिल्डर के द्वारा खगौल के आदमपुर में संचार नगर का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन जिस भूमि पर इसका निर्मआ किया जा रहा है, उसके भू-स्वामियों में आपसी विवाद हो गया। भूस्वामियों की शिकायत थी कि बिना हिस्सा दिए ही बिल्डर इसके फ्लैट को बेच रहे हैं। जिस पर रेरा ने कार्रवाई करते हुए बिल्डर को दो माह में भू-स्वामियों को उनका हिस्सा देने के निर्देश दिए थे। लेकिन बिल्डर ने हिस्सा देने की जगह अपील दायर कर दी।

सुनवाई में सामने आए कई सच

अपनी ही चालाकी के कारण आरआर बिल्डर तब फंस गए जब सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि उन्होंने मुखिया से नक्शा पास कराया था, जो कि कानूनन गलत था। रेरा ने यह मामला उठाया तो बिल्डर के आवेदन के आधार पर इस  साल मार्च में खगौल के ईओ ने नक्शा को पारित कर दिया। जिस पर रेरा ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि कोई भी नक्शा बिल्डिंग निर्माण से पहले तैयार किया जाता है। यहां नक्शा बाद में तैयार किया गया। रेरा की आपत्ति के बाद खगौल ईओ ने पलटी मारते हुए कहा कि नक्शा को दोबारा सत्यपित किया गया है।।

नगर विकास विभाग को दिया आदेश

मामले में प्राधिकरण ने नगर विकास विभाग के प्रधा सचिव को कहा है कि इस तरह की घटना गंभीर मामला है, वह इनकी जांच कराएं तथा कानून के तह दोषियों पर कार्रवाई करें। इसके साथ ही सारी अपील को भी खारिज कर दिया गया।


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