बाराबंकी: अधिवक्ता की पत्नी को टेंट वाले से हुआ प्यार, पहले मांगा तलाक, नहीं देने पर पति को करवा दी हत्या, मामले में तीन गिरफ्तार

बाराबंकी: अधिवक्ता की पत्नी को टेंट वाले से हुआ प्यार, पहले मांगा तलाक, नहीं देने पर पति को करवा दी हत्या, मामले में तीन गिरफ्तार

बाराबंकी. नगर कोतवाली इलाके में बीते 4 सितम्बर को हुए अधिवक्ता कुलदीप रावत के नृशंस हत्याकांड के रहस्य से पुलिस ने जब पर्दा उठाया तो पति पत्नी के रिश्तों को शर्मसार करने वाली कुछ ऐसी ही दास्तान सामने आयी. जिसके बाद पुलिस ने अधिवक्ता की पत्नी समेत उसके प्रेमी और एक अन्य युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

बाराबंकी के एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि अभियुक्तगण से पूछताछ एवं डिजिटल डेटा के एनॉलसिस से प्रकाश में आया कि मृतक कुलदीप रावत का विवाह 7-8 वर्ष पूर्व रीता उर्फ लक्ष्मी से हुआ था और इनका एक 4 वर्षीय बेटा भी है. मृतक कुलदीप की पत्नी करीब 2 वर्षों से थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के आजाद नगर में लक्ष्मी ब्यूटी पार्लर चलाती है. मृतक कुलदीप प्रतिदिन सुबह अपनी पत्नी और चचेरी बहन को ब्यूटी पार्लर पर छोड़ कर कचहेरी चला जाता था एवं वापस आकर शाम को रूबी टेलर्स चन्दना कटरा में सिलाई का कार्य सिखाता और करता था. रात्रि लगभग 8 बजे पार्लर बन्द होने के बाद पत्नी को लेकर घर जाता था.

इसी बीच कुलदीप की पत्नी का मन्टू टेन्ट एण्ड लाइट हाऊस चलाने वाले मन्टू उर्फ विवेक वर्मा से अवैध सम्बन्ध हो गया. मन्टू के पास जो भी शादी के लिए टेन्ट एण्ड लाइट हाऊस बुक करने आता था तो मन्टू दुल्हन सजाने के लिए लक्ष्मी ब्यूटी पार्लर को आर्डर दिलवाता था. इस तरह दोनों एक-दूसरे के काफी नजदीक आ गये थे और दोनों रात और दिन में काफी समय आपस में बात करते थे.


लक्ष्मी और मन्टू के बीच मोबाइल पर होने वाली बातचीत की जानकारी होने पर मृतक कुलदीप ने पत्नी का मोबाइल छीनकर तोड़ दिया था. जिससे दोनों के बीच अनबन हो गयी थी. इधर मन्टू वर्मा ने कुलदीप की पत्नी रीता उर्फ लक्ष्मी पर शादी का दबाव बनाने लगा तो रीता भी उससे शादी करने के लिये कुलदीप से तलाक लेने को तैयार हो गयी, लेकिन रीता ने जब कुलदीप से तलाक मांगा तो उसने मना कर दिया जिसको लेकर आपसी विवाद और बढ़ गया.

वहीं दूसरी तरफ कुलदीप के तलाक देने से मना करने पर झल्लाये मन्टू वर्मा ने रीता उर्फ लक्ष्मी के साथ मिलकर कुलदीप को रास्ते से हटाने की योजना बनायी और लक्ष्मी के ब्यूटी पार्लर के बगल मोबाइल की दुकान में काम करने वाले पंकज कुमार यादव को भी पैसे का लालच देकर इस ख़ूनी योजना में शामिल कर लिया. जिसके बाद पंकज यादव ने नया नम्बर लेकर कुलदीप को जमीन दिलाने के बदले 3-4 लाख कमीशन देने की बात कही.

पूर्व निर्धारित योजना के मुताबिक पंकज यादव ने 4 सितम्बर की रात्रि लगभग 08.30 बजे मृतक कुलदीप रावत को फोन करके कोतवाली नगर क्षेत्र के नारे का पुरवा बुलाया. पंकज और मन्टू के खूनी इरादों से अंजान कुलदीप जब बताए गए स्थान पर पहुंचकर पंकज ने बात कर रहा था तभी मन्टू वर्मा ने पीछे से कुलदीप के गले पर चाकू से प्रहार कर दिया.

मन्टू और पंकज के इरादे भांपते ही कुलदीप ने मौके से भागने का प्रयास किया परन्तु गर्दन पर चाकू लग जाने से मोटर साइकिल स्टार्ट नहीं कर पाया. पंकज व मन्टू ने कुलदीप को बाइक से गिरा दिया औऱ कुलदीप के मरणासन्न हो जाने पर दोनों मौके से भाग गये. बाद में रात के लगभग 11 बजे मन्टू वर्मा ने रीता उर्फ लक्ष्मी को फोन किया और कहा कि काम हो गया अब तुम घर वालों को बता कर कुलदीप के सीनियर एडवोकेट को लेकर गुमशुदगी लिखा दो.

मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने हत्याकांड में शामिल रीता उर्फ लक्ष्मी पत्नी कुलदीप कुमार निवासी छेदा का पुरवा मजरे पड़रा थाना सफदरगंज उसके प्रेमी मन्टू वर्मा उर्फ विवेक पुत्र राकेश वर्मा निवासी लक्ष्मी का पुरवा मजरे डडियामऊ थाना मसौली व पंकज यादव पुत्र अम्बिका प्रसाद यादव निवासी शुक्लाई थाना कोतवाली नगर को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद करते हुए तीनों को जेल दिया है.

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