हे मां! सिर्फ बेटी होने की यह सजा, अगले जनम मोहे बिटिया न किजो... भागलपुर से आई दर्दनाक तस्वीर

हे मां! सिर्फ बेटी होने की यह सजा, अगले जनम मोहे बिटिया न किजो... भागलपुर से आई दर्दनाक तस्वीर

भागलपुर। तिलकामांझी चौक से बरारी जाने वाली सड़क पर मंगलवार को मिली एक नवजात बेटी की लाश ने मानवता को शर्मसार कर दिया। सुबह 11 बज उसको लाश सड़क पर मिली। शव भी ऐसा कि देखकर दिल कांप जाए, लेकिन परिजनों ने पॉलीथिन में डाल बड़ी ही निर्ममता से उसे फेंक दिया। आवारा पशु पॉलीथिन खींच बीच सड़क पर ले आए। इस बीच मांस खाने वाले परिंदे भी आ गए। एक शिक्षिका ने देखा तो सोशल मीडिया में यह तस्वीर वायरल की।

सुडान की घटना आ गई याद

भागलपुर की इन दर्दनाक तस्वीरों को देखकर 1993 में सूडान में ली गई उन तस्वीरों की याद ताजा हो गई, जब केविन कार्टर नाम के एक फोटोग्राफर 1993 में सूडान में पड़े अकाल के दौरान वहां गया था। उसने भूख से तड़प रहे बच्चे की तस्वीर खींची। उस तस्वीर में एक गिद्ध भी था, जिसने बाद में उस बच्चे को अपना शिकार बना लिया।

अब भी केविन कार्टर जैसी सोच

उस घटना ने विश्व के मशहूर फोटोग्राफर केविन कार्टर की याद को ताजा कर दिया है। इस तस्वीर में भी तस्वीर लेनेवाले ने तस्वीर खिंचकर सोशल मीडिया में वायरल करने की सहज कोशिश की,लेकिन उसने इस नवजात के शव को मांस भक्षियों से बचाने की कोशिश नहीं की। 

गौरतलब है कि केविन कार्टर ने गिद्ध के पास बैठे लाचार, बेबस और भूखे बच्चे की तस्वीर लेकर दुनिया को सूडान के आकाल की भयानक सच्चाई से रूबरू करवाया था, लेकिन बाद में जब महसूस हुआ कि इस तस्वीर को बनाने में मैंने जितना समय लगाया, उतने समय में मैं इस बच्चे को भी भूख और गिद्ध से बचा सकता था। इस बात को लेकर केविन कार्टर डिप्रेशन का शिकार हुआ और अततः उसने अपनी जान दे दी।


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