बिहार में शराब को हाथ लगाया तो आजीवन सरकारी और निजी नौकरी का रास्ता बंद करा देगी नीतीश सरकार

बिहार में शराब को हाथ लगाया तो आजीवन सरकारी और निजी नौकरी का रास्ता बंद करा देगी नीतीश सरकार

पटना. शराबबंदी कानून को बिहार में पूर्ण रूपेण सफल बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अब एक ऐसा पेंच फंसाया जिसके बाद अगर कोई युवा शराब के नशे में पकड़ा जाता है तो वह आजीवन न तो सरकारी और ना ही निजी नौकरी कर पाएगा. यह घोषणा खुद बिहार के डीजीपी ने की है. 

गोपालगंज में नीतीश कुमार के समाज सुधार अभियान में शामिल डीजीपी एसके सिंघल ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी कानून को लागू करने ले लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसे प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए पुलिस ने एक बड़ा निर्णय लिया है. अगर कोई युवा शराब के किसी भी मामले में संलिप्त पाया जाता है तो वह किसी प्रकार की नौकरी करने लायक नहीं रह जाएगा. 

उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति शराब की खरीद-फरोख्त, शराब की तस्करी, शराब पीने या इस प्रकार के किसी मामले में संलिप्त मिलता है तो उस व्यक्ति को पुलिस की ओर से चरित्र प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा. चरित्र प्रमाण पत्र जारी नहीं होने से वह व्यक्ति न तो सरकारी और ना ही प्राइवेट नौकरी कर पाएगा. उन्होंने खासकर युवाओं से अपील की कि वे शराब जनित किसी प्रकार के अपराध में खुद को शामिल न करें. अगर वे ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ न सिर्फ तय कानूनों के तहत कार्रवाई होगी बल्कि वे भविष्य में किसी प्रकार की नौकरी करने लायक नहीं रह जाएंगे. 

बिहार में वर्ष 2016 से शराबबंदी कानून लागू है. इसके बावजूद आए दिन राज्य में शराब के कई मामले उजागर होते हैं. खासकर शराब तस्करी के मामलों में युवा वर्ग की संलिप्तता देखी जाती है. युवाओं को शराब जनित अपराध से दूर रखने के लिए अब डीजीपी ने यह नई घोषणा की है. दरअसल किसी भी सरकारी या निजी नौकरी में चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है. इसे थानों द्वारा जारी किया जाता है जिसमें इस बात की पुष्टि होती है कि आवेदक के खिलाफ थाने में कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है. ऐसे में अगर थानों से चरित्र प्रमाण पत्र जारी नहीं होता है तो वह व्यक्ति कहीं भी नौकरी पाने लायक नहीं रह जाएगा. 


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