बड़ा खुलासाः चावल घोटाले में 'फरार' अपर सचिव सचिवालय में कर रहे ड्यूटी! RTI एक्टिविस्ट ने खोली पोल..CM नीतीश से की शिकायत

बड़ा खुलासाः चावल घोटाले में 'फरार' अपर सचिव सचिवालय में कर रहे ड्यूटी! RTI एक्टिविस्ट ने खोली पोल..CM नीतीश से की शिकायत

PATNA: बिहार में कहने को सुशासन का राज है। इन पंद्रह सालों में कई बड़े घोटाले हुए, घोटाले की जांच भी हुई और कार्रवाई का दिखावा भी हुआ। लेकिन समय के साथ मामले को भूला दिया गया। आरोपी अफसरों पर कार्रवाई की जगह मलाईदार पोस्ट दिये गये. सुशासन राज में चावल घोटाला हुआ था। घोटाले के खुलासे के बाद जांच भी हुई और आरोपी अफसरों पर केस भी दर्ज हुआ। लेकिन अब पूरे मामले को भूला दिया गया है। लेकिन बिहार के जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता ने एक ऐसे ही अधिकारी की पोल खोली है। 

RTI कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय का सनसनीखेज आरोप,CM को लिखा पत्र

बिहार सरकार के एक अधिकारी पर बड़ा आरोप लगा है। जाने-माने आरटीआई कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय ने अधिकारी की पोल खोलते हुए कार्रवाई को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री,डीजीपी समेत अन्य बड़े अफसरों को पत्र भेजा है। आरटीआई एक्टिविस्ट ने भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग में तैनात अपर सचिव सुशील कुमार की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चावल घोटाले में जिस अधिकारी पर चार्जशीट दाखिल है,कानून के तहत अब वो फरार हैं फिर भी ड्यूटी कर रहे. इसके बाद भी अफसर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। 

चावल घोटाले में अधिकारी पर फतुहा थाने में दर्ज है केस

आरटीआई एक्टिविस्ट शिवप्रकाश राय ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि भूमि सुधार विभाग के निदेशक-सह-अपर सचिव भूअर्जन सुशील कुमार पर चावल घोटाले में पुलिस अनुसंधान के दौरान फतुहा थाना में केस संख्या- 312/2013   दर्ज है। उन पर आईपीसी की धारा- 406, 420, 409, 467, 468, 471 और 120B के तहत चार्जशीट भी दाखिल है। पटना उच्च न्यायालय के 2017 के आदेश से उनकी जमानत याचिका खारिज होने के बाद गिरफ्तारी 6 महीने के लिए स्थगित की गई थी। 

बिना जमानत कर रह् ड्यूटी-आरटीआई कार्यकर्ता

आरटीआई कार्यकर्ता ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार किसी भी आरोपी की जमानत 6 माह से अधिक तक स्थगित नहीं रह सकती । स्वाभाविक रूप से उच्च न्यायालय द्वारा उनकी गिरफ्तारी के स्थगन आदेश पारित होने की तिथि के 6 माह बाद स्वतः अप्रभावी हो गई है । वे वर्तमान में जमानत नहीं लेने के कारण कानूनी रूप से फरारी की स्थिति में हैं। इसके बावजूद भी वे निर्भिकता के साथ बिहार सरकार में बिना जमानत कराये नौकरी कर रहे हैं। अभिलेखों में यह नजरों के सामने है। इसके बाद भी पुलिस उनकी गिरफ्तारी नहीं कर रही जो आश्चर्यचकित करने वाली स्थिति है।

सुशासन का इकबाल कायम रहे मुख्यमंत्री जी 

उन्होंने सरकार से मांग किया कि राज्य सरकार इस मामले में आरोपी अधिकारी की गिरफ्तारी को लेकर उचित कानूनी कारवाई करने की आवश्कता है। ताकी मुख्यमंत्री के सुशासन के इकबाल को कायम रखा जा सके। बिहार सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। ऐसे में अधिकारी सुशील कुमार की गिरफ्तारी सुनिश्चित किया जाए। आरटीआई एक्टिविस्ट के इस शिकायती पत्र को मुख्यमंत्री सचिवालय ने डीजीपी को भेज दिया है। 

अधिकारी सुशील कुमार ने नहीं दिया कोई जवाब

आरटीआई कार्यकर्ता शिवप्रकाश राय ने अपर सचिव सुशील कुमार पर फरारी के दौरान ड्यूटी करने का आरोप लगा मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस संबंध में हमने सुशील कुमार से पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन वे इन आरोपों के संबंध में कोई जवाब नहीं दे सके। हमने उनके मोबाईल नंबर-87890 74952 पर मैसेज,व्हाट्सअप कर उनके खिलाफ लगाये गए आरोपों के संबंध में उनका पक्ष जानना चाहा। लेकिन अपर सचिव सुशील कुमार ने सवाल देखने के बाद भी कोई जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। लिहाजा उनका पक्ष नहीं रख सके हैं। 


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