मेहरबानी के मायने? जमीन माफिया को 2-2 कार्बाइनधारी बॉडीगार्ड देने पर बड़े पुलिस अधिकारी भी हैरान, चंपारण DIG बोले- ले रहा हूं जानकारी

मेहरबानी के मायने? जमीन माफिया को 2-2 कार्बाइनधारी बॉडीगार्ड देने पर बड़े पुलिस अधिकारी भी हैरान, चंपारण DIG बोले- ले रहा हूं जानकारी

PATNA: बिहार के सुशासन राज में वर्दी वाले बॉडीगार्ड जमीन माफियाओं में बांटे जा रहे। जिस राज्य में आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे है उसी राज्य में अगर किसी जमीन कारोबारी को वर्दी वाला 2-2 कारबाईनधारी बॉडीगार्ड मिले जाये तो क्या आप इसे सुशासन का राज कहेंगे? लेकिन बिहार में ऐसा ही हो रहा है जहां पुलिस अधिकारी ही नियमों को तार-तार कर चहेते को नियम विरूद्ध जाकर अत्याधुनिक हथियार वाला बॉडीगार्ड दे रहे। जमीन कारोबारी चंद्रशेखर को कारबाईनधारी 2-2 बॉडीगार्ड देने के मामले का खुलासा हुआ तो पुलिस के वरीय अधिकारी भी भौचक्के रह गये।

चंपारण डीआईजी ने भी जताया आश्चर्य

 इसके बाद एक बॉडीगार्ड को तो वापस कर लिया गया जबकि दूसरे जिले से लिया गया कार्बाइनधारी बॉडीगार्ड को वापस नहीं लिया गया है। दरअसल जमीन कारोबारी को मोतिहारी और मुजफ्फरपुर जिले से एक-एक कार्बाइनधारी बॉडीगार्ड मिला था। खबर के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने गार्ड वापस ले लिया जबकि मोतिहारी पुलिस की सहानुभूति बरकरार है। इस संबंध में जब चंपारण रेंज के डीआईजी से पूछा गया तो उन्होंने भी आश्चर्य जताया। आगे कहा उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है।पूरे मामले की एसपी मोतिहारी से जानकारी लेते हैं उसके बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। 

मुजफ्फरपुर-मोतिहारी जिला से दिया गया था बॉडीगार्ड

बता दें, मोतिहारी-मुजफ्फरपुर का जमीन कारोबारी चंद्रशेखर को मुजफ्फरपुर और मोतिहारी जिला से बॉडीगार्ड दिया गया था। दोनों जिलों के पुलिस अधिकारी इस जमीन कारोबारी से इतने खुश थे एक-एक बॉडीगार्ड उपलब्ध करा दिये। अब जबकि मामले का खुलासा हुआ तो मुजफ्फरपुर पुलिस ने अत्याधुनिक हथियार वाले बॉडीगार्ड को वापस कर लिया है। मुजफ्फरपुर पुलिस का कहना है कि चंद्रशेखर को दिया गया एक बॉडीगार्ड वापस कर लिया गया है जबकि दूसरा बॉडीगार्ड मोतिहारी जिला से मिला है। बड़ा सवाल यही है कि एक जमीन कारोबारी को बॉडीगार्ड किसके आदेश पर उपलब्ध कराया गया? क्या अंगरक्षक देने के जो नियम बनाये गये हैं उसका पालन किया गया ? 

जमीन माफिया पर मेहरबान है सुशासन की पुलिस

अब हम आपको पूरी कहानी बताते हैं। एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक शख्स दो-दो कारबाईनधारी बॉडीगार्ड लेकर चल रहा है। वह जमीन कारोबारी दो-दो कारबाईनधारी बॉडीगार्ड लेकर ऐसे चल रहा मानो कोई बड़ा नेता या फिर बड़ा अधिकारी हो। क्यों कि छोटे अधिकारियों को अमूमन कार्रबाईनधारी बॉडीगार्ड नहीं मिलते। उन्हें पिस्टल वाला या केवल एक कारबाईनधारी बॉडीगार्ड दिया जाता है। जब पता किया गया तो जानकारी लगी कि वो मुजफ्फरपुर-मोतिहारी इलाके का जमीन कारोबारी चंद्रशेखर है। वह मुजफ्फरपुर के भगवानपुर इलाके में रहता है और मोतिहारी -मुजफ्फरपुर में जमीन का वैध-अवैध धंधा करता है। जिसमें पुलिस का भी अपरोक्ष रूप से संरक्षण मिला हुआ है। 

दो-दो कारबाईनधारी बॉडीगार्ड लेकर दिखा रहा था धौंस

कुछ दिन पहले चंद्रशेखऱ नाम के एक शख्स का मुजफ्फरपुर इलाके में जमीन का विवाद फंसा। यह शख्स उसी जगह पर अपने दोनो कारबाईनधारी बॉडीगार्ड के साथ गया था। वहीं का वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सफेद हाफ शर्ट में दिख रहा शख्स चंद्रशेखर बताया जाता है । उसके अगल-बगल दो-दो कारबाईनधारी बॉडीगार्ड चल रहे हैं। बॉडीगार्ड लेकर वह स्पॉट पर धौंस जमाने गया था लेकिन दांव उल्टा पड़ गया और स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया। वीडियो में दिख रहा है कि जब लोगों ने चंद्रशेखर का विरोध किया तो इसके दोनो कारबाईनधारी हथियार तान रहे. इसके बाद विरोधी जब भारी पड़ने लगे तो जमीन कारोबारी वहां से निकलना चाहा। दोनो बॉडीगार्ड उसे वहां से सुरक्षित निकाल कर चले गये। इस मामले में जमीन कारोबारी ने कुछ दिन पहले मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाने में जानलेवा हमले का केस दर्ज कराया और तीन लोगों को आरोपित किया। केस में उल्लेख किया कि पिस्टल के बट से वार किया गया। जमीन कारोबारी ने आवेदन में लिखा कि शोर मचाने पर बॉडीगार्ड ने उन्हें बचाया। इसके बाद दूसरे पक्ष ने भी केस दर्ज किया

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