बिहार बजट : 18 साल बाद पूरा हुआ नीतीश का सपना, 2005 में सीएम बनने के बाद से जो कभी नहीं हुआ वह विजय चौधरी ने किया साकार

बिहार बजट : 18 साल बाद पूरा हुआ नीतीश का सपना, 2005 में सीएम बनने के बाद से जो कभी नहीं हुआ वह विजय चौधरी ने किया साकार

पटना. नीतीश कुमार ने 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री बने और तब से एक छोटे सी अवधि (जीतनराम मांझी के सीएम बनने) को छोड़कर लगातार बिहार के सीएम बने हुए हैं. पिछले 18 साल से मुख्यमंत्री की गद्दी संभाले नीतीश कुमार के लिए अब जाकर उनका वह सपना पूरा हुआ है जो आजतक अधूरा था. बिहार वित्त बजट 2023-24 पेश कर वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने नीतीश का वह सपना 18 साल बाद पूरा कर दिया. यह सपना था जदयू नेता द्वारा बिहार का वित्त बजट पेश करने की नीतीश की ख्वाहिश, जो इस बार पूरी हुई. 

दरअसल, 2005 में बिहार की कमान सँभालने वाले नीतीश भले लगातार बिहार के सीएम पद पर बने हों. भले सीएम बनने के लिए वे कभी भाजपा नीत एनडीए तो कभी राजद नीत वाले महागठबंधन में शामिल हों. लेकिन नीतीश मंत्रिमंडल में आज तक जब भी वित्त मंत्री बनने की बारी आई तब इसका जिम्मा उनके सहयोगी दलों ने ही संभाला. 2005 में एनडीए सरकार बनने के बाद सुशील कुमार मोदी के पास वित्त विभाग रहा. वे भाजपा कोटे के मंत्री थे. बाद में 2014 और 2015 में नीतीश कुमार एनडीए से अलग होकर बजट पेश किए. 

वहीं 2015 में फिर से महागठबंधन की सरकार बनी और इसमें नीतीश जहाँ मुख्यमंत्री रहे वहीं वित्त विभाग राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी के पास रहा. उन्होंने उस वर्ष बजट पेश किया. बाद में फिर से जब नीतीश ने महागठबंधन से नाता तोडा और एनडीए में आए तो वित्त विभाग भाजपा के पास आ गया. वहीं 2020 के विधानसभा चुनाव के बाद भी भाजपा के तारकिशोर प्रसाद बजट पेश करते रहे. 

ऐसे में पिछले 18 साल से गठबंधन सरकार चला रहे नीतीश के लिए यह पहला मौका था जब जदयू कोटे के वित्त मंत्री बने बजट पेश किया. विजय कुमार चौधरी ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 2 लाख 61 हजार 885.04  करोड़ रुपए का बजट पेश किया. बिहार विधानसभा में बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में 237691.19 करोड़ का बजट था जो इस बार 24194 करोड़ रुपए अधिक का है.

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