corona alert : बाहर से आनेवाले लोगों को एयरपोर्ट पर ही लगाया जाएगा कोरोना का टीका

corona alert :  बाहर से आनेवाले लोगों को एयरपोर्ट पर ही लगाया जाएगा कोरोना का टीका

पटना(patna) : बिहार सरकार कोरोना को लेकर पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गई है। जहां क्वारेंटाइन सेंटरों को फिर से चालू किया जा रहा है। वहीं बीमारी के खतरे को देखते हुए(patna airport) पटना एयरपोर्ट सहित बिहार के सभी हवाई अड्डों पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस दौरान एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों की (corona test) कोरोना जांच कराई जाएगी। यदि उन्होंने वैक्सीन नहीं ली है तो (corona vaxine) वैक्सीन भी लगाई जाएगी। एयरपोर्ट पर (rapid antizen test) रैपिड एंटीजेन किट से 17 मार्च से कोविड जांच शुरू की जा रही है। विशेषकर पंजाब और महाराष्ट्र से आने वाले उन यात्रियों की जांच की जाएगी, जिनके पास कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट नहीं होगा। 

बताया जा रहा है कि इसके लिए परिसर में तीन टीमों की तैनाती की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार सुबह से तैनात रहेगी। मंगलवार देर शाम से 24 घंटे जांच की व्यवस्था की तैयारी शुरू हो गई। गौरतलब है कि पटना एयरपोर्ट पर पुणे, मुम्बई, चंडीगढ़ और अमृतसर से हर दिन सैंकड़ों यात्रियों की आवाजाही होती है। होली के समय यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है।

निगेटिव रिपोर्ट दिखाने पर ही मिलेगी बाहर जाने की छूट
 देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लोगों में कोरोना बीमारी है या नहीं इसकी जांच के लिए जिला प्रशासन ने पटना एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर विशेष जांच की व्यवस्था की है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि पटना एयरपोर्ट पर आने वाले लोगों के पास कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं होने का निगेटिव रिपोर्ट होना चाहिए या उनके पास वैक्सीन लेने का प्रमाण पत्र होना चाहिए। यदि दोनों प्रमाण पत्र नहीं है तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति की एयरपोर्ट पर ही कोरोना जांच कराई जाएगी। साथ ही ऐसे लोगों को वैक्सीन भी वहीं लगाई जाएगी।

जहां मामले अधिक,वहां से आनेवाले लोगों पर निगरानी अधिक
जिला प्रशासन के अनुसार पंजाब, केरल और महाराष्ट्र में बीमारी के अधिक मामले सामने आए हैं। इसीलिए इन तीन राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूर एवं अन्य लोगों की विशेष जांच होगी। पहले तो इन राज्यों से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट, बैरिया, बांकीपुर या अन्य छोटे बस स्टैंड में स्क्रीनिंग की जाएगी। यदि ट्रेन से आते हैं तो रेलवे स्टेशन पर जांच की जाएगी। यदि ऐसे लोग बगैर जांच कराए गांव चले जाते हैं तो गांव स्तर पर लगाए जाने वाले कैंप में जांच कराई जाएगी।

मुखिया, आंगनबाड़ी, एएनएम और आशा को भी मिली जिम्मेदारी
 जिला प्रशासन ने मुखिया, आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत कर्मचारी एनएम और आशा को जिम्मेदारी दी है कि गांव में आने वाले प्रवासी मजदूरों की सूचना जिला प्रशासन को दें ताकि ऐसे लोगों की स्क्रीनिंग की जा सके। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि होली के अवसर पर आने वाले प्रवासी मजदूरों पर विशेष ध्यान रखें तथा गांव आने वाले प्रत्येक प्रवासी मजदूरों की सूची बनाएं ताकि उनकी जांच एवं वैक्सीन दी जा सके।

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