बिहार के DGP ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी IG&SP के साथ की बैठक, पुलिसिंग में संचार कौशल को लेकर दिया निर्देश

बिहार के DGP ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सभी IG&SP के साथ की बैठक, पुलिसिंग में संचार कौशल को लेकर दिया निर्देश

पटना. बिहार के पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल ने आज सभी जोनों और जिलों के वरीय पुलिस पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए पुलिसिंग में संचार कौशल पर चर्चा की। उन्होंने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को कहा कि अच्छी पुलिसिंग तथा सफलता अर्जित करने के लिए प्रत्येक पुलिस पदाधिकारी में उत्कृष्ट संचार कौशल का गुण अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रबंधन कार्य में संचार कौशल का ज्ञान होने से कार्यों में प्रखरता आती है। उन्होंने पुलिस संगठन में अनुशासन की महत्ता के आलोक में पद सोपानक्रम का दृढ़ता से पालन किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

वहीं 16 नंवबर 2022 को पटना के गांधी मैदान में नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षकों तथा सिपाहियों को मुख्यमंत्री नीतीश द्वारा नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के प्रस्तावित कार्यक्रम के सम्बन्ध में डीजीपी ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। साथ ही महिला पुलिस कर्मियों के लिए निर्मित शौचालयों का सर्वे कर कमी को अविलम्ब दूर करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जितेन्द्र सिंह गंगवार ने नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षकों तथा सिपाहियों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाने के प्रस्तावित कार्यक्रम के सम्बन्ध में क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पटना नियुक्ति पत्र प्राप्त करने हेतु आने वाले नवनियुक्त पुलिस अवर निरीक्षकों तथा सिपाहियों के लिए प्रत्येक जिले से एक-एक नोडल पदाधिकारी का होना आवश्यक है। उनके वाहनों पर कार्यक्रम का बैनर तथा पम्पलेट अवश्य लगाया जाए, ताकि उनके परिवहन में कोई बाधा उत्पन्न ना हो। सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों के पास उनकी पहचान हेतु परिचय पत्र का होना आवश्यक है। प्रशिक्षण प्रभाग से उचित परिधान (वर्दी) की जानकारी प्राप्त कर सभी नवनियुक्त उचित परिधान में हीं वहां उपस्थित रहें।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा चिन्हित 300 दिनों से अधिक के लम्बित काण्डों का प्रत्येक 15 दिनों पर कम से कम 5 प्रतिशत निष्पादन करने तथा प्रत्येक 15 दिन पर प्रतिवेदन भेजने का लक्ष्य रखा गया था। इस प्रकार प्रत्येक माह लम्बित काण्डों का 10 प्रतिशत निष्पादन तथा 3 महीने के उपरान्त 30 प्रतिशत निष्पादन का आदर्श लक्ष्य रखा गया था। इस पूरे कार्य का क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक तथा उप महानिरीक्षक द्वारा भी अनुश्रवण किया जाना है। इस कार्य में शिथिलता नहीं बरती जाए। धारा-156 (3) दण्ड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत प्राथमिकी के लम्बित मामलों में निश्चित रूप से प्राथमिकी अंकित की जाए। इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाए।

अपर पुलिस महानिदेशक (बजट, अपील और कल्याण)  पारस नाथ के द्वारा वर्ष 2023-24 के बजट के संदर्भ में दिनांक11 नवंबर 2022 को वित्त विभाग में प्रस्तावित बैठक के आलोक में सभी नियमित, नियोजित, पुनर्नियोजित पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों के सम्बन्ध में मांगे गये डाटा बेस को अविलम्ब मुख्यालय को उपलब्ध कराये जाने का निर्देश जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दिया गया। उनके द्वारा जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लम्बित बिजली बिल के अविलम्ब भुगतान किये जाने का भी आदेश दिया गया।

अपर पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) सुनील कुमार द्वारा राज्य में ड्रोन सेवाओं की सम्भावनाओं के दृष्टिकोण से की जा रही पूर्व तैयारियों के दृष्टिकोण से प्रत्येक जिले में रेड जोन तथा येलो जोन वाले स्थानों की मैपिंग के सन्दर्भ में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को दिये गये निर्देश तथा उनसे वांछित प्रतिवेदनों के सम्बन्ध में चर्चा की गई। उनके द्वारा विशेष शाखा से निर्गत होने वाली आसूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई किये जाने हेतु भी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कहा गया।


अपर पुलिस महानिदेशक (विधि व्यवस्था) संजय सिंह द्वारा क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि विशेष आयोजनों और अवसरों पर जिलों में एक निश्चित अवधि के लिए DG (Reserve) बल को प्रतिनियुक्त किया जाता है। उसे समय से वापस लौटा दें। यदि बल की आवश्यकता हो तो अलग से पत्राचार कर बल की मांग करें।

पुलिस उप महानिरीक्षक (प्रशासन) विकास बर्मन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा पारित आदेश के आलोक में वाहन दुर्घटना पीड़ितों के दावा आवेदन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने एवं दावा आवेदन हेतु निर्धारित ऐप के सम्बन्ध में NIC के DRM (District Rollout Manager) के साथ समन्वय स्थापित कर वर्कशॉप आयोजित करने हेतु कहा गया।

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