बिहार के एक प्रेमी ने अपनी मोहब्बत को पाने के लिए दिल्ली महिला आयोग से लगाई गुहार, बाल-बाल बची जान

बिहार के एक प्रेमी ने अपनी मोहब्बत को पाने के लिए दिल्ली महिला आयोग से लगाई गुहार, बाल-बाल बची जान

DESK: कहने को हमारा समाज आज आधुनिक एवं खुले विचारों का है, लेकिन आज भी हमारे समाज में प्यार करना अपराध है. प्यार करने वालों को आज भी ये समाज का एक वर्ग घृणा की नजरों से देखता आया है. ऐसी ही एक घटना  बिहार के  पंडौल इलाके से आई है. यहां के रहने वाले एक प्रेमी जोड़े ने मोहब्बत की इबारत पर इश्क की स्याही से रिश्ते का खाका खींचना चाह तो रिश्तेदार इनके खिलाफ खोफ्नक साजिश रचने लगे. परिवार वाले ही इनलोगों के जान के दुश्मन हो गए. . बताया जा रहा है की लड़की का परिवार और कुछ धार्मिक संगठन मिलकर इन दोनों की ओनर किलिंग करने की साजिश भी रच रहे थे.

गौरतलब है दिल्ली के इंदिरापुरम में रहने वाले बिहार के एक लड़के और लड़की के बीच प्यार हो गया. प्रेम इतना परवान चढ़ा की दोनों ने शादी के बंधन में बंध कर जिंदगी भर साथ रहने का मन बना लिया, लेकिन इसकी भनक लड़की के परिवार वालों को लग गया. इसके बाद लड़की के परिवार वाले लड़की को दिल्ली से घर लेकर वापस चले गए. इधर प्रेमी अपनी प्रेमिका से लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा था लेकिन संपर्क नही हो रहा था. मामला संदेहास्पद होते देख प्रेमी ने दिल्ली महिला आयोग को ईमेल के जरिये इस बाबत सुचना देते हुए बताया कि वह बिहार की रहने वाली एक लड़की से प्रेम करता है. हमलोग इंदिरापुरम में साथ में रह रहे थे. हमलोगों के बीच चल रहे प्रेम प्रसंग का पता जैसे ही लड़की के परिवार वालों को चला तो उसके परिवार वाले उसे घर लेकर चले गये. इसके बाद से मेरा संपर्क उससे नही हो पा रहा है. इसके बाद इ मेल से  मामले पर आयोग ने तुरंत संज्ञान में लेते हुए बिहार पुलिस से संपर्क किया. जिसपर पुलिस ने बताया कि केवल भगवती स्थान मंदिर की जानकारी के ज़रिए लड़की की तलाश बहुत मुश्किल है. 

इसके बाद आयोग कि सदस्य फ़िरदौस खान ने मधुबनी जिले के एसएसपी से संपर्क किया और उन्हें कहा कि भगवती स्थान मंदिर के पास रहने वाले लड़की के पिता की तलाश करें. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने लड़की को पंडोल क्षेत्र से ढूंढ निकाला. वहीं पंडौल के SHO ने बताया कि लड़की की जान को खतरा है क्योंकि लड़की के परिवार वाले और साथ ही कुछ धार्मिक संगठन दोनों लड़की लड़के को मारना चाहते हैं.वहीं उसे भगवती मंदिर के पास किसी गुप्‍त जगह पर रखा गया है. जब शिकायतकर्ता से लड़की की जानकारी मांगी तो उसने कहा कि उसे सिर्फ लड़की के पिता का नाम पता है. इसके बाद मामले पर आयोग ने तुरंत संज्ञान में लेते हुए बिहार पुलिस से संपर्क किया. जिसपर पुलिस ने बताया कि केवल भगवती स्थान मंदिर की जानकारी के ज़रिए लड़की की तलाश बहुत मुश्किल है. इसके बाद आयोग कि सदस्य फ़िरदौस खान ने मधुबनी जिले के एसएसपी से संपर्क किया और उन्हें कहा कि भगवती स्थान मंदिर के पास रहने वाले लड़की के पिता की तलाश करें. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने लड़की को पंडोल क्षेत्र से ढूंढ निकाला. वहीं पंडौल के SHO ने बताया कि लड़की की जान को खतरा है क्योंकि लड़की के परिवार वाले और साथ ही कुछ धार्मिक संगठन दोनों लड़की लड़के को मारना चाहते हैं.

इसके बाद महिला आयोग ने संबन्धित जिलाधिकारी से इस मामले में बात की और लड़की को पटना के शेल्टर होम में रखवाया. इसी दौरान बिहार पुलिस ने लड़की को दिल्ली ले जाने का प्रबंध किया लेकिन खतरे का अंदेशा होने पर एक बार दिल्ली लाने की कोशिश असफल हो गई. इसके बाद लड़की को कुछ दिन बाद ट्रेन के ज़रिए दिल्ली पहुंचाया गया. लड़की और लड़के को दिल्ली में दिल्ली महिला आयोग के कार्यालय में ही मिलवाया गया और कोर्ट में उनकी सुरक्षा के लिए महिला आयोग द्वारा लड़की से अर्जी डलवायी गई. कोर्ट ने दोनों को सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए और अब दोनों साथ में खुशी से रह रहे हैं और जल्द विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘दिल्ली महिला आयोग की सक्रियता की बदौलत दो प्यार करने वाले एक हो पाए. दोनों की जान को लगातार ख़तरा बना हुआ था, लड़की के माता पिता और कुछ धार्मिक संगठन उन्हें जान से मारना चाहते थे. हमने बिहार पुलिस के साथ मिलके उन्हें रेस्क्यू करवाया और दिल्ली लाके उन्हें सुरक्षा भी दिलवाई. इस मामले में आयोग ने अपने कार्यक्षेत्र से बाहर जाते हुए प्रेमी जोड़ी की सहायता की. हम अपने निष्काम सेवा के संकल्प पर प्रतिबद्ध हैं.’


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