बैनर पर ऐसा क्या लिखा था जिस देख परेशान हो गए मंत्री जी.... और फिर शुरू हुआ ऑपरेशन 'कटआउट'

बैनर पर ऐसा क्या लिखा था जिस देख परेशान हो गए मंत्री जी.... और फिर शुरू हुआ ऑपरेशन 'कटआउट'

PATNA: बिहार में एक बड़ी पार्टी के नेता व पूर्व कप्तान ने आज प्रेस कांफ्रेंस बुलाया था। पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस हॉल में माननीय तय समय पर पहुंचे। सामने पत्रकारों की बड़ी फौज मौजूद थी। वे अपनी सीट पर बैठे ही थे कि अचानक उनकी नजर पीछे लगी होर्डिंग्स पर पड़ी। बस क्या था, पहले तो उसे फाड़कर हटाने को कहा और फिर खुद कुर्सी से खड़े हो गए। माननीय के कुर्सी छोड़ने के बाद उनके अगल-बगल के नेता और कार्यकर्ता भी कुर्सी छोड़कर पीछे लगे उस बैनर को ठिकाने लगाने की जुगत भिड़ाने लगे। करीब 15 मिनट तक पोस्टर हटाने का ऑपरेशन चलते रहा।बड़ा सवाल यही है कि आखिर बैनर में ऐसी क्या बात लिखी थी जिस वजह से माननीय परेशान थे?

जोखिम मोल लेना मुनासिब नहीं समझा

वरिष्ठ नेता आज राष्ट्रीय इश्यू पर मीडिया से बात करने वाले थे। इसीलिए उन्होंने प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता बुलाई थी। माननीय प्रेस कांफ्रेंस शुरू करने से पहले ही पीछे लगे बैनर में लिखे एक शब्द को देखकर चौकन्ने हो गए। उन्हें लगा कि अगर मीडिया के कैमरे में पीछे वह शब्द दिखेगा तो उनकी भद्द पिट जाएगी। आप सोंच रहे होंगे कि आखिर पार्टी कार्यालय के मीटिंग हॉल में ऐसी क्या बात लिखी थी जिसे देख माननीय परेशान हो गए? परेशान होना लाजिमी था....क्यों कि वे 22 नवंबर को प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे और उनके पीछे वाले बैनर में तारीख कुछ और ही लिखा गया था। ऐसे में अगर वे प्रेस कांफ्रेंस कर लेते और पीछे 22 नवंबर की जगह कुछ और ही तारीख दिखती तो माननीय का सोशल मीडिया में मजाक उड़ाया जाता। साथ ही नेतृत्व के समक्ष भी उनकी किरकिरी होती। लिहाजा उन्होंने कोई जोखिम मोल लेना मुनासिब नहीं समझा। वैसे हॉल में लगा बैनर बिहार के नव निर्वाचित विधायकों से संबंधित था।


और शुरू हो गया ऑपरेशन पोस्टर छुपाओ 

माननीय की नजर वहां पर पड़ते ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने ऑपरेशन पोस्टर छुपाओ की शुरूआत कर दी। माननीय ने कुछ क्षण इंतजार किया लेकिन ऑपरेशन सफल नहीं हो रहा था, इसके बाद वे कुछ देर के लिए वहां से चले गए। इसके बाद पार्टी के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर उस पोस्टर को ढंकने में जुट गए। बाहर से उससे बड़े तीन कटआउट्स लाये गए और फिर उसे उस पोस्टर के आगे लगा दिया गया। इस तरह से पोस्टर पर लगे उस मनहूस तारीख को छुपाया गया और ऑपरेशन पोस्टर छुपाओ सफल रहा।  बता दें कि माननीय देश की सबसे बड़ी पार्टी के नेता हैं और कभी उस पार्टी के बिहार कप्तान भी रह चुके हैं, वर्तमान में वे सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालय के Mos हैं। 

   

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