BIHAR NEWS: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिये निर्देश, बेहतर कार्य करने वालों को ईनाम देने की कही बात

BIHAR NEWS: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री ने की समीक्षा, अधिकारियों को दिये निर्देश, बेहतर कार्य करने वालों को ईनाम देने की कही बात

दरभंगा: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री सुनील कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को मद्य निषेध अभियान को लेकर अपर मुख्य सचिव, गृह चैतन्य प्रसाद, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, उत्पाद आयुक्त बी. कार्तिकय घनजी, पुलिस महानिरीक्षक (मद्य निषेध), सभी प्रमण्डलीय आयुक्त, सभी पुलिस महानिरीक्षक, सभी पुलिस उप महानिरीक्षक, सभी जिलाधिकारी, सभी वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक के साथ वर्चुअल मीटिंग की गयी।

बैठक को सम्बोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि विगत पांच वर्षों से बिहार में मद्यनिषेध अभियान लागू है। सरकार ने बढ़-चढ़कर इस अभियान के लिए संसाधन प्रदान किये हैं। अलग से पुलिस महानिरीक्षक (मद्य निषेध) बनाया गया है, ताकि मजबूती के साथ इस अभियान का क्रियान्वयन किया जा सके। इस पर ध्यान देने की जरूरत हैं। इसके लिए सभी जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक के पास इस अभियान के लिए रोड मैप स्पष्ट होना चाहिए तथा इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखी जानी चाहिए। अनुमण्डल पदाधिकारी, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी की बैठक में, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष की बैठक में मद्यनिषेध से संबंधित आसूचनाओं का अदान-प्रदान होना चाहिए। थाना स्तर पर टॉप-10 या टॉप-05 वैसे लोगों की सूची होनी चाहिए, जो बार-बार शराबबंदी में पकड़े गये हैं। 

उन्होंने कहा कि चौकीदार आसूचना का सबसे बड़ा श्रोत है। यदि कोई चौकीदार सहयोग नहीं करता है, तो उससे लिखित में ली जाये कि उसके क्षेत्र में शराब बनाने या शराब आपूर्ति की कहीं कोई घटना नहीं है। अगर वह लिखित में देता है और उसके क्षेत्र में कोई घटना घटित होगी, तो वह जिम्मेदार होगा और इसके लिए उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। उन्होंने आसूचना संग्रहण के लिए उपलब्ध कराये गये निधि का भी प्रयोग करने का निर्देश दिया तथा चिन्हित स्थलों पर लगातार छापामारी करवाने, गिरफ्तारी के मामले में ट्रायल करवाना एवं सजा दिलवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता सूची में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निकट में ही पंचायत चुनाव है, जिसमें अवैध रूपये एवं अवैध शराब वितरण की संभावना रहती है, इसलिए इस दृष्टिकोण से भी इस अभियान में तेजी लायी जाए। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी अच्छा काम करेगा, उसे ईनाम मिलेगा और जिनकी प्रगति अच्छी नहीं होगी, उनके विरूद्ध कार्रवाई भी की जाएगी। सरकार की नीति इसमें बिल्कुल स्पष्ट है।  

अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग ने उत्तर प्रदेश, झारखण्ड, नेपाल व पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिले को अन्य राज्य के अपने सीमावर्ती जिले के साथ समन्वय बनाने की जरूरत बतायी। उन्होंने कहा कि चौकीदार एवं दफादार का प्रयोग आसूचना संग्रहण के लिए किया जाए। विगत दिनों पश्चिम चम्पारण एवं नवादा में घटित घटना की पुनरावृति कहीं भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में अवैध बालू खनन के मामले में बिहार में बड़ी कार्रवाई हुई है। संभव है कि अन्य अभियान में भी इस तरह की कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि समय जब्त की गयी गाड़ियों की सुनवाई की जाए और गिरफ्तारी के मामले में ट्रायल करवाने में तेजी लायी जाए। 

पुलिस महानिदेशक, बिहार ने कहा कि अन्य राज्यों के सीमावर्ती जिले से सटे जिले अपने सीमा पर नजर रखें। चौकीदार एवं दफादार के थाना पैरेड के अवसर पर सर्किल इस्पेक्टर, डीएसपी एवं एसपी भी कभी-कभी जाए। उनसे आसूचना ग्रहण करें। यदि कोई पदाधिकारी, इस अभियान में लापरवाही बरतता है, तो चाहे वह कोई भी हो बच नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में अच्छा काम करें और बिहार सरकार का नाम ऊंचा करें। जबकि उत्पाद आयुक्त, बिहार ने कहा कि पिछले पांच वर्षों की कार्रवाई के आधार पर हर जिले को एक डाटाबेस बनाने की जरूरत है और उसके आधार पर जो हॉट स्पॉट हैं, वहां लगातार छापेमारी की कार्रवाई की जाए तथा देहाती क्षेत्र में पूर्व में शराब चुलाई से जुड़े परिवारों को सतत् जीवोपार्जन योजना से जोड़ा जाए। जिले में एन्टीलीकर टास्क फोर्स को सक्रिया बनाया जाए। शराब जब्ती के मामले में समुचित जांच हो, सीमावर्ती क्षेत्र के जिले अपने जिले की सीमा पर नजर रखें। बैठक में  दरभंगा से आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा मनीष कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अजिताभ कुमार, जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम, वरीय पुलिस अधीक्षक बाबू राम, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, उत्पाद अधीक्षक ओम प्रकाश, वरीय उप समाहर्त्ता ललित राही एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी ऑनलाईन जुड़े थे।



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