BIHAR NEWS: राजधानी रेल हादसे की 19वीं बरसी पर जुटे अधिकारी, ट्रैक पर पूजा कर दिवंगत यात्रियों को दी श्रद्धांजलि

BIHAR NEWS: राजधानी रेल हादसे की 19वीं बरसी पर जुटे अधिकारी, ट्रैक पर पूजा कर दिवंगत यात्रियों को दी श्रद्धांजलि

AURANGABAD: औरंगाबाद के रफीगंज रेलवे स्टेशन के पास साल 2002 में वीभत्स रेल हादसा हुआ था। तारीख थी 9 और 10 सिंतबर के बीच की मध्यरात्रि। इस हादसे में 153 यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। हादसे की 19वीं बरसी पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

रेलवे की तकनीकी अधिकारी तथा स्थानीय लोग पटरी के पास पहुंचे और नारियल फोड़कर मोमबत्ती जलाई गई। अब यह एक प्रथा सी बन गई है। इसके तहत रेल पटरी की पूजा कर नारियल फोड़ा जाता है और कैंडल जलाकर हादसे में मृत रेलयात्रियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा जाता है।  स्थानीय पी डब्ल्यू आई, आरपीएफ एवं समाजसेवियों ने नदी रेलवे ब्रिज पर  रेल पटरी का पूजन करते हुए नारियल फोड़कर सामूहिक रूप से रेल हादसे में मृत रेल यात्रियों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की। कैंडल जलाकर दो मिनट का मौन रखा। इस अवसर पर पीडब्ल्यू आई राम भजन सिंह ,सुरेश यादव ,आरपीएफ के सहायक उप अमरिश निरीक्षक राय,प्रधान आरक्षी डी के सिंह, समाजसेवी डॉ तुलसी यादव,मनोज मधुकर,डी के सूरज, सुनील दीप, अवधेश कुमार, भारत भूषण,अनिल कुमार, महीप कुमार, कृष्ण मुरारी कुमार, प्रेम चंद लकडा़ , रविन्द्र कुमार, समीर कुमार, रविशंकर कुमार, दिनेश कुमार, रात्रि प्रहरी अब्दुल अली, गौतम कुमार,राम दास मांझी, छात्र नेता शुभम सिंह , पप्पू यादव, पंकज कुमार ठाकुर,, छात्र नेता अजय कुमार, , सिद्धी यादव, बाला, सत्येन्द्र यादव, रोहित कुमार, जयदीप कुमार, अजय कुमार, अभय , मंदिप व रूद्रा चंद्र वंशी समेत कई लोग शामिल हुए।

गया -डीडीयू रेलखंड पर रफीगंज स्टेशन के समीप स्थित धावा नदी के पूल पर हुए इस हादसे के बाद हर साल यहां पटरी की पूजा की जाती है ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृति न हो। औरंगाबाद के लोग आज भी उस भयानक रेल हादसे को नहीं भूल सके हैं जिसमे  153 यात्रियों की मौत हो गयी थी जबकि 2 सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

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