BIHAR NEWS: राष्ट्रीय खेल दिवस पर सूबे के खिलाड़ियों का हल्ला बोल, मृत्युंजय तिवारी के नेतृत्व में खोल दिया कच्चा चिट्ठा

BIHAR NEWS: राष्ट्रीय खेल दिवस पर सूबे के खिलाड़ियों का हल्ला बोल, मृत्युंजय तिवारी के नेतृत्व में खोल दिया कच्चा चिट्ठा

PATNA: राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर एक तरफ जहां टोक्यो पैरालंपिक में भारत का दबदबा बनाते हुए भाविना पटेल ने रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। वहीं दूसरी तरफ बिहार की राजधानी पटना में खिलाड़ी सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो गए। आज का दिन विरोध जताने के रूप में चुनते हुए खिलाड़ी विरोध जताने सड़क पर उतरे।

बिहार प्लेयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय तिवारी के नेतृत्व में सड़क पर उतरे राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने रोजगार और संसाधन की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होनें सरकार की नीतियों का भी विरोध किया। मार्च में कई नामचीन खिलाड़ी, फुटबॉलर और पदक विजेता शामिल थे। उन्होनें कहा कि हम खेलना चाहते हैं। देश और राज्य के लिए पदक लाना चाहते हैं, मगर सरकार ही हमारी राह में रोड़ा बन रही है। दूसरे राज्य जैसे हरियाणा और पंजाब में जिस तरह की विश्वस्तरीय सुविधाएं खिलाड़ियों को दी जाती हैं, उसका 5 फीसदी भी हमें नहीं मिलता। हमें अन्य मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखा जाता है। ऐसे में हम खेल छोड़ भी दें, तो हमारे सामने बेरोजगारी की समस्या है। पड़ोसी राज्य झारखंड में खिलाड़ियों को उच्च पद पर सरकारी नौकरी दी जाती है। यहां केवल सांत्वना से काम चलाना पड़ता है।

वहीं इस मौके पर मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि खेल के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो खिलाड़ी अपना घर पर छोड़कर देश और राज्य के लिए खेलते हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल ही अनुचित है। अधिकारियों को जहां दूध और मेडल दिया जाता है और खिलाड़ी सड़क पर उतरने और पुलिस का डंडा खाने के लिए मजबूर हैं।


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