BIHAR NEWS : नियमों को अंगूठा दिखाकर विद्यालयों में बनाए गए हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षा विभाग में नियुक्ति को लेकर चल रहा है बड़ा रैकेट

BIHAR NEWS : नियमों को अंगूठा दिखाकर विद्यालयों में बनाए गए हैं प्रभारी प्रधानाध्यापक, शिक्षा विभाग में नियुक्ति को लेकर चल रहा है बड़ा रैकेट

जांच होने पर खुल सकते हैं कई अहम राज कई चेहरे हो सकते हैं बेनकाब

BEGUSARAI : बेगूसराय शिक्षा विभाग में इन दिनों बहुत कुछ अच्छा नहीं चल रहा है आए दिन शिक्षक एवं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं के द्वारा शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों के क्रियाकलाप एवं कार्यशैली पर उंगली उठते रहे हैं  जिले के मध्य एवं माध्यमिक विद्यालयों में गलत रूप से प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए जाने को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं जिसकी जांच की जाए तो शिक्षा विभाग की कलई खुलकर सामने आ जाएगी।

 मिली जानकारी के अनुसार विगत दिनों संपन्न हुए बिहार विधानसभा सत्र के दौरान ढाका के भाजपा विधायक श्री पवन कुमार जायसवाल के द्वारा राज्य के विद्यालयों में गलत रूप से जूनियर को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए जाने को लेकर प्रश्न उठाए गए थे जिसके बाद अवकाश रक्षित पदाधिकारी शिक्षा विभाग पटना के द्वारा राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी कोइस संबंध में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया था किंतु बेगूसराय में इस रिपोर्ट की भी खानापूर्ति की गई। तत्पश्चात निदेशक माध्यमिक शिक्षा के द्वारा स्पेशल रुप से पूर्वी चंपारण, मधुबनी, औरंगाबाद, बांका और बेगूसराय जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस संदर्भ में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा गया इस पर भी आनन-फानन में मात्र 2 से 3 विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक को बदलते हुए रिपोर्ट सौंप दी गई।

 बताया जाता है कि बेगूसराय जिले में जब से वर्तमान जिला शिक्षा पदाधिकारी आए हैं तब से यहां मध्य से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए जाने को लेकर एक रैकेट काम कर रहा है जो विभागीय आदेश एवं नियमों को ताक पर रखकर सीनियर के रहते उच्च विद्यालय के जूनियर को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाकर उनसे मोटी रकम की वसूली करते रहा है इस संदर्भ में कई बार जिले के शिक्षक एवं शिक्षक संगठन सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं के द्वारा इस मामले को उठाया गया है लेकिन अभी तक इस पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही लंबित है विभाग के सारे पदाधिकारी एक दूसरे पर कार्यवाही करने की बात को लेकर डाल देते हैं और कहते हैं कि हमारे रीजन का नहीं है इससे प्रतीत होता है कि सारे पदाधिकारियों की मिलीभगत इसमें एक साथ है।

 यहां लगभग दो दर्जन ऐसे माध्यमिक विद्यालय हैं जहां नियमों के विपरीत विद्यालय के जूनियर प्रभारी प्रधानाध्यापक बने हुए हैं जिसमें सावित्री उच्च विद्यालय उलाव,सर्वोदय उच्च विद्यालय शाहपुर, राजेश्वरी उच्च विद्यालय चेरिया बरियारपुर, दीनानाथ परमेश्वरी परियोजना बालिका उच्च विद्यालय मंझौल, उच्च विद्यालय नारेपुर, उच्च विद्यालय हरपुर,शंकर उच्च विद्यालय महना, कांति पार्वती उच्च विद्यालय महना, सहित अन्य विद्यालय मौजूद है जिसकी जानकारी विभाग के पदाधिकारियों को है वहीं जिले के दर्जनों मध्य विद्यालयों में गलत रूप से प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए गए हैं।

बताया जाता है कि इन दिनों जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) बेगूसराय की नजदीकी माध्यमिक शिक्षक संघ के एक बड़े नेता से है जिनके इशारे पर उपरोक्त माध्यमिक विद्यालयों में गलत रूप से प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए गए हैं क्योंकि उपरोक्त सभी विद्यालय के प्रभारी उक्त नेता जी के प्रिय बताए जाते हैं जिन्होंने उन्हें विगत चुनाव में मदद की थी इससे जिले में गलत मैसेज जा रहा है एवं अंदर ही अंदर जिला शिक्षा पदाधिकारी के खिलाफ शिक्षकों के बीच आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है जो किसी भी दिन विस्फोट का रूप ले सकता है।  हद तो तब हो जाती है जब गलत रूप से प्रभारी बने हुए प्रधानाध्यापक को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निदेशक एवं मूल्यांकन निदेशक बनाया जाता है।

    आश्चर्य तो यह है कि राजेश्वरी उच्च विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक श्री रंजीत कुमार बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव भी हैं और वह गलत रूप से प्रभारी प्रधानाध्यापक बने हुए हैं इस मामले पर वह पूर्णतः  मौन साध लेते हैं जबकि वह स्वयं भी जान रहे हैं कि वह गलत रूप से प्रभारी बने हुए।  वहीं सावित्री उच्च विद्यालयों उलाव में दो नियमित वरीय शिक्षक के रहते एक कनिय को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया है जो विद्यालय में तानाशाही रुख अपनाए हुए रहते हैं इस संदर्भ में कई बार जिला शिक्षा पदाधिकारी को शिकायत भी प्राप्त हुई है किंतु नेताजी के चहेते होने के कारण वे मौन है।

वही सर्वोदय उच्च विद्यालय शाहपुर के सबसे कनीय कम्प्यूटर शिक्षक जो जिनकी नियुक्ति 2017 में हुई है वे प्रभारी प्रधानाध्यापक बने हुए हैं जबकि वहां 2006 एवं 2010 बैच के कई शिक्षक मौजूद हैं इन्हें कई परीक्षा में मूल्यांकन निदेशक भी बनाया गया है। शंकर उच्च विद्यालय महना में भी पांच वरीय शिक्षक के रहते एक जूनियर को प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाया गया है।

 वही कांति पार्वती बालिका उच्च विद्यालय महना की प्रभारी प्रधानाध्यापिका बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ, बेगूसराय के जिला अध्यक्ष की रिलेटिव बताए जाते हैं जो गलत रुप से प्रभारी प्रधानाध्यापक बने हुए हैं। शिक्षा विभाग के उपरोक्त क्रियाकलापों से ऐसा  प्रतीत होता है कि बेगूसराय जिले में प्रभारी प्रधानाध्यापक बनाए जाने को लेकर एक बड़ा रैकेट चल रहा है जिसकी जांच की जाए तो कई पदाधिकारियों और नेताओं के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।

JAI KUMAR की रिपोर्ट

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